नई दिल्ली, 25 जून — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि आपातकाल के दौरान का समय उनके लिए एक सीखने का महत्वपूर्ण अनुभव था और यह लोकतांत्रिक ढांचे को बचाए रखने की आवश्यकता को पुनः स्थापित करता है। यह बयान उन्होंने ‘द इमरजेंसी डायरीज – इयर्स दैट फोर्ज्ड अ लीडर’ नामक पुस्तक के विमोचन से पहले दिया।
ब्लूकाफ्ट डिजिटल फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक प्रधानमंत्री मोदी की आपातकाल के दौरान की यात्रा को दर्शाती है। इस पुस्तक का विमोचन बुधवार शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा द्वारा लिखित भूमिका शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आपातकाल विरोधी आंदोलन मेरे लिए एक सीखने का अनुभव था। इसने हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की अहमियत को फिर से स्थापित किया। उस दौर में मुझे राजनीतिक दृष्टिकोण से भिन्न लोगों से बहुत कुछ सीखने को मिला।”
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, “मैं उन सभी से आग्रह करता हूं जो आपातकाल के उन काले दिनों को याद करते हैं, या जिनके परिवारों ने उस समय अत्याचार सहे, वे सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करें ताकि युवा पीढ़ी उस शर्मनाक दौर को समझ सके।”
उन्होंने यह भी बताया कि उस समय वह एक युवा आरएसएस प्रचारक थे और देशभर में आपातकाल विरोधी आंदोलन में सक्रिय थे।
ब्लूकाफ्ट पब्लिशर्स के अनुसार, यह पुस्तक मोदी के युवा काल के उन साथियों के अनुभवों और अभिलेखीय सामग्री पर आधारित है, जिन्होंने उस दौर में उनके साथ काम किया। यह पहली बार है जब मोदी के प्रारंभिक राजनीतिक जीवन और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को इतने विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक को “लोकतंत्र के मूल्यों के लिए संघर्ष” और “तानाशाही के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों की दृढ़ता” को समर्पित बताया गया है।
