योग केवल एक दिन करने की चीज नहीं है, इसे तो दिनचर्या में शामिल करना जरूरी: हरीश गंगवार

करे योग रहे निरोग: हरीश गंगवार

रामपुर:  प्रतिदिन की तरह जिला अध्यक्ष हरीश गंगवार ने अपने निवास स्थान नर्मदा मंदिर पर योग किया साथ ही साथ जन समस्या लेकर आए कार्यकर्ताओं को भी साथ में योग कराया।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने योग और योग दिवस के बारे में कहा, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत 21 जून 2014 से हुई लेकिन इसका इतिहास पांच हजार वर्ष से भी पुराना है। ऋग्वेद के दसवें मंडल के अनुसार हिरण्यगर्भ को योग का उत्पत्तिकर्ता माना गया है।

इस साल योग दिवस की थीम योगा फॉर वन हेल्थ, वन अर्थ रखी गई है। जिसका अर्थ है एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग। पूरे विश्व के साथ देश में एक बार फिर से योग के प्रति लोगों में जागरूकता आई है।

अपने शहर के युवा भी योग के दक्ष साधक है। जिला से लेकर मंडल और प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

हरीश ने कहा कि योग के माध्यम से हम अपने आप से जुड़ते हैं और अपने जीवन को सफल बनाते हैं। योग अब सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि लोगों की दिनचर्या और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। अगर सही तरीके से और नियमित रूप से योग किया जाए तो कई बीमारियों से बिना दवा के भी निजात पाई जा सकती है।

योग केवल एक दिन करने की चीज नहीं है। इसे तो दिनचर्या में शामिल करने की आवश्यकता है, हम सभी जानते है कि योग भारतीय संस्कृति की देन है। यह हजारों सालों से मानव जीवन को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करता आ रहा है। योग शब्द का संस्कृत के युज से आया है, जिसका अर्थ जोड़ना होता है। इसमें मन, शरीर और आत्मा का मिलन होता है। पतंजलि के अनुसार योग का उद्देश्य है चित्त वृत्ति निरोध यानि मन के विचारों का नियंत्रण।

जिला पंचायत सदस्य टेकचंद गंगवार ,मोनू कुमार, देवराज गंगवार ,छत्रपाल गंगवार ,शांति स्वरूप ,चंद्रपाल, महेंद्र पाल, अंशु कुमार ,हिमांशु कुमार, गुलाबी लाल ,मनोहर लाल ,कल्याण राय आदि लोगों ने योग किया।

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