योग की परंपरा है हजारों वर्षों पुरानी : डा. सज्जन कुमार

ऐलनाबाद 18 जून ( एम पी भार्गव) राजकीय महाविद्यालय मीठी सुरेरा ऐलनाबाद के प्रचार्य डा. सज्जन कुमार की अध्यक्षता तथा एनएसएस प्रभारी प्रो. राजवीर सिंह व आयुष विभाग के संयुक्त संयोजन में उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार 21 जून को मनाए जाने वाले ग्यारवें अंतराष्ट्रीय योग दिवस के लिए योग रिहर्सल का आयोजन किया गया।इस अवसर पर प्राचार्य डा. सज्जन कुमार ने अपने विस्तार व्याख्यान में कहा कि भारत में योग की परंपरा हजारों वर्षों पुरानी है। प्राचीन ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से ध्यान, समाधि और आत्मज्ञान प्राप्त किया।

पतंजलि ने योगसूत्र लिखकर योग को एक व्यवस्थित रूप दिया। योग न केवल हमारे दिमाग, मस्‍तिष्‍क को ही ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्‍मा को भी शुद्ध करता है।इसमें किसी व्यक्ति को सेहतमंद रहने के लिए और विभिन्न प्रकार के रोगों और अक्षमताओं से छुटकारा पाने के लिए विभिन्न प्रकार के व्यायाम शामिल हैं। योग का अभ्यास करने की कला व्यक्ति के मन, शरीर और आत्मा को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह एक शांतिपूर्ण शरीर और मन को प्राप्त करने के लिए शारीरिक और मानसिक विषयों को एक साथ लाता है, तनाव और चिंता को प्रबंधित करने में मदद करता है और आपको तनावमुक्त रखता है। महाविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी ने बताया कि महाविद्यालय में इस मौके पर उनके साथ शैक्षणिक व ग़ैर शैक्षणिक स्टाफ सदस्यों के अलावा बहुत से छात्र छात्राओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

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