इन 7 पेड़-पौधों से सांपों को होता है खास लगाव, बना लेते हैं अपना ठिकाना! आपके आसपास तो नहीं हैं ये?
जानिए वो 7 पेड़-पौधे जिनसे सांप रखते हैं गहरा लगाव:
नई दिल्ली: भीषण गर्मी में इंसान ही नहीं, सांप भी ठंडी और नमी वाली जगह की तलाश में रहते हैं। ऐसे में कुछ खास पेड़-पौधों के पास सांप अक्सर नजर आते हैं और यहीं वे अपना घर भी बना लेते हैं। अगर आपके घर या खेतों के आसपास ये पौधे हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है।
जानिए वो 7 पेड़-पौधे जिनसे सांप रखते हैं गहरा लगाव:
🔹 चमेली का पौधा – इसकी तीव्र खुशबू चूहे, कीड़े और मेंढकों को आकर्षित करती है, जो सांपों का भोजन हैं। वहीं इसकी घनी पत्तियों वाली झाड़ियां छिपने की आदर्श जगह देती हैं।
🔹 बांस की झाड़ियां – लंबी और घनी बांस की झाड़ियां सांपों को ठंडी, छायादार और सुरक्षित जगह देती हैं। अक्सर इन झाड़ियों के बीच सांप लिपटे मिल जाते हैं।
🔹 पाल्मेटो झाड़ियां – जमीन से फैलती इस झाड़ी की सूखी पत्तियों की परत सरीसृपों के लिए बेहद आरामदायक माहौल बनाती है।
🔹 लैंटाना की झाड़ – जहरीले फल वाले इस पौधे की उलझी शाखाएं और इसमें पलने वाले चूहे-मेंढक सांपों के लिए इसे आकर्षक बना देते हैं।
🔹 लेमनग्रास – मच्छरों को भगाने वाली इस खुशबूदार घास की घनी गुच्छेदार बनावट सांपों को बहुत भाती है, क्योंकि यहां उनका खाना मौजूद रहता है।
🔹 गन्ने के खेत – लंबे गन्नों के बीच सांप खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं और वहीं भोजन भी मिल जाता है।
🔹 ग्राउंड कवर आइवी – जमीन पर फैली इस बेलनुमा घास में नमी और छांव भरपूर होती है, जिससे सांपों के लिए यह परफेक्ट ठिकाना बन जाती है।
सावधानी जरूरी:
अगर इनमें से कोई पौधा आपके आसपास मौजूद है, तो सतर्क रहें। गर्मी में सांप अधिक सक्रिय और हमलावर हो सकते हैं। बच्चों और पालतू जानवरों को ऐसे पौधों के पास जाने से रोकें।
सांपों से बचाव के लिए नीचे दिए गए उपाय कारगर हो सकते हैं, खासकर गर्मियों में जब वे ठंडी और नमी वाली जगहों की तलाश में रहते हैं:
सांपों से बचाव के उपाय:
1. घर और आंगन को साफ रखें:
झाड़ियां, गिरी हुई लकड़ियां, पुराने टायर, टूटे बर्तन आदि सांपों के छिपने की जगह बनते हैं। इन्हें हटाकर साफ-सफाई बनाए रखें।
2. दीवारों और दरारों को बंद करें:
घर की दीवारों, फर्श, खिड़कियों और दरवाज़ों में मौजूद दरारों को सील कर दें ताकि सांप प्रवेश न कर सकें।
3. ज़मीन से चिपके पौधों को दूर रखें:
चमेली, आइवी, बांस जैसी ज़मीन से फैली या झाड़ीदार वनस्पतियों को घर से दूर लगाएं। ये सांपों को आकर्षित करती हैं।
4. कीट और चूहों पर नियंत्रण रखें:
सांपों का मुख्य भोजन चूहे, मेंढक और कीट होते हैं। इन पर नियंत्रण से सांपों का आकर्षण भी कम होगा।
5. नीम का तेल या फिनाइल का प्रयोग:
सांपों को तीखी गंध पसंद नहीं होती। नीम का तेल या फिनाइल के घोल को दीवारों और बगीचे की सीमाओं पर छिड़कें।
6. दरवाजे-खिड़कियों पर नेट लगाएं:
खासतौर पर रात में सांप रेंगते हैं, इसलिए मच्छरदानी जैसी नेट वाली व्यवस्था करें जिससे वे अंदर न घुस सकें।
7. सांप भगाने वाले उपकरण:
अब इलेक्ट्रॉनिक सांप भगाने वाले डिवाइसेज़ भी आते हैं, जो कंपन या ध्वनि से उन्हें दूर रखते हैं।
8. पेशेवर मदद लें:
अगर सांप दिख जाए तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें। स्थानीय वन विभाग या सांप रेस्क्यू टीम को बुलाएं।
सांपों के व्यवहार को समझना जरूरी है ताकि उनसे बचाव और सुरक्षित दूरी बनाए रखी जा सके। नीचे कुछ अहम बातें दी गई हैं जो सांपों के व्यवहार से जुड़ी होती हैं:
सांपों का व्यवहार:
1. ठंडी और नमी वाली जगह पसंद करते हैं:
सांप विशेषकर गर्मियों में छांव, ठंडी मिट्टी, गीली घास, झाड़ियां या दीवारों की दरारों में छिपते हैं।
2. ज़्यादातर सांप रात में सक्रिय होते हैं (Nocturnal):
रात का समय उनकी शिकार और गति की अवधि होती है, इसलिए सावधानी इस वक्त ज़्यादा जरूरी होती है।
3. ज़हरीले और गैर-ज़हरीले सांपों में अंतर:
ज़हरीले सांप जैसे कोबरा, करैत और रसेल वाइपर आमतौर पर आक्रामक नहीं होते, जब तक उन्हें खतरा न लगे।
गैर-ज़हरीले सांप (जैसे रैट स्नेक) खेतों और घरों के आसपास चूहों के पीछे आते हैं।
4. डरने पर करते हैं हमला:
सांप आमतौर पर इंसानों से डरते हैं और भागने की कोशिश करते हैं। लेकिन यदि उन्हें घेर लिया जाए या अचानक सामने आ जाएं, तो वे आत्मरक्षा में काट सकते हैं।
5. गर्मी और बारिश में ज़्यादा दिखते हैं:
मार्च से जुलाई तक और बारिश के मौसम में सांपों की सक्रियता बढ़ जाती है। ये पानी और ठंडक की तलाश में घरों के आसपास आ सकते हैं।
6. आंखों से कम, वाइब्रेशन और गंध से ज़्यादा समझते हैं:
सांप जमीन की कंपन (vibrations) और हवा में गंध के ज़रिए अपने शिकार और खतरे का अंदाज़ा लगाते हैं।
7. झाड़ियों और ढंके स्थानों में रहते हैं:
लकड़ियों का ढेर, पुराने टायर, ईंटों के ढेर, बंद पाइप और झाड़ीदार पौधे उनके लिए पसंदीदा ठिकाने हैं।
