नहरी विभाग की लापरवाही से शेरावाली भाखड़ा का पानी पहुंचा फ्लड्डी नहर
बेलदारों ने नहीं ली जिम्मेदारी, ग्रामीणों ने खुद साफ की नहर, अंतिम गांवों तक पानी पहुंचाने की उठाई मांग
- रिपोर्ट: एमपी भार्गव
ऐलनाबाद: सिरसा के निकट नहराणा हैड से निकलने वाली शेरावाली भाखड़ा माइनर में 26 मई को पानी छोड़ा गया था। लेकिन यह पानी 8 दिन बाद 2 जून को गांव सूरेरा के पास पहुंचा। इस बीच, टेल के गांव कर्मशाना में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीणों ने सार्वजनिक रूप से एकत्र होकर खुद नहर की सफाई शुरू की।
ग्रामीणों ने खुद हटाया कचरा, पानी पहुंचाया टेल तक
गांव पोहड़का से लेकर मिठनपुरा तक ग्रामीणों ने नहर के अंदर जमा कचरे को निकाल कर रास्ता साफ किया। शाम 5 बजे तक पानी मिठनपुरा पोस्टिंग स्टेशन तक पहुंचाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने पब्लिक हेल्थ विभाग से डीजल जनरेटर की मांग की, जिसे विभाग ने तुरंत उपलब्ध कराया।
नहरी विभाग की लापरवाही से रातभर बहता रहा पानी
ग्रामीणों के प्रयासों के बावजूद नहरी विभाग की घोर लापरवाही सामने आई। रात को कोई भी नहरी कर्मचारी या बेलदार मौके पर मौजूद नहीं था। नतीजतन, खारी सुरेरा गांव के पास कचरे के कारण पानी का बहाव रुक गया और शेरावाली पैरेलल फ्लड्डी नहर में अवफ्लो के रूप में पानी बहता रहा।
अधिकारियों ने नहीं ली जिम्मेदारी
सुबह चेतराम झौरड, भिकमचंद सैनी, राजेंद्र मुंदलिया, जयपाल राजपूत, सत्यनारायण, अनिल, राकेश समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन किसी ने भी इस लापरवाही की जिम्मेदारी नहीं ली। सभी एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।
ग्रामीणों की मांग – 6 जून तक चले नहर
ग्रामीणों ने नहरी विभाग से आग्रह किया है कि नहर को कम से कम 6 जून तक चलाया जाए ताकि टेल के अंतिम गांवों के जलघरों के टैंक भर सकें और लोगों को पीने का पानी मिल सके। पूरे दिन चेतराम झौरड, भिकमचंद सैनी, राजेंद्र मुंदलिया, जयपाल राजपूत, सत्यनारायण, अनिल, राकेश सहित सैकड़ों ग्रामीण नहर पर निगरानी करते नजर आए।
