Rampur News: विकासखंड शाहबाद में प्रस्तावित मीटिंग हॉल, दुकानों, पुलिस चौकी व लाइब्रेरी निर्माण स्थलों का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

शाहबाद (बदायूं)। विकासखंड शाहबाद परिसर में प्रस्तावित मीटिंग हॉल निर्माण कार्य के संबंध में जिलाधिकारी श्री जोगिंदर सिंह ने कार्यदाई संस्था एवं संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। यह मीटिंग हॉल 323 लाख रुपए की लागत से बनाया जाएगा। इसके बन जाने से शासकीय बैठकों एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में सहूलियत मिलेगी।

जिलाधिकारी ने कार्यदाई संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रारंभ किया जाए तथा खंड विकास अधिकारी शाहबाद को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।

इसके उपरांत उन्होंने विकासखंड कार्यालय की भूमि पर समाज कल्याण विभाग द्वारा बनवाई गई दुकानों का निरीक्षण पुलिस अधीक्षक, एसडीएम शाहबाद एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) के साथ किया। उन्होंने निर्देश दिए कि दुकानों के निर्माण, आवंटन प्रक्रिया तथा मौके पर काबिज व्यक्तियों की जांच कराई जाए और अवैध रूप से काबिज लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

थाना पटवाई में थाना समाधान दिवस के मौके पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने पहुंचकर जनता की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही, थाना परिसर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था एवं पेयजल की बेहतर सुविधा देख सराहना की। जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष द्वारा कुएं के पुनरुद्धार कार्य की भी प्रशंसा की।

इसके बाद उन्होंने नगर पंचायत शाहबाद क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बनने वाली आधुनिक लाइब्रेरी के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया। यह स्थल राजकीय महाविद्यालय एवं राजकीय इंटर कॉलेज शाहबाद के निकट है, जिससे विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

अंत में जिलाधिकारी ने ग्राम रेवड़ी कला में निर्माणाधीन पुलिस चौकी का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निर्माण कार्य एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न
जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह की अध्यक्षता में जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों एवं सीएम डैशबोर्ड में सम्मिलित विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, यूपी सिडको, जल निगम, राजकीय निर्माण निगम, यूपीपीसीएल सहित अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं और कार्य पूर्ण होने के बाद उन्हें संबंधित विभागों को शीघ्र हस्तांतरित किया जाए। उन्होंने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लाभार्थीपरक योजनाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को इन योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभागीय रैंकिंग की समीक्षा करते हुए उन्होंने रैंकिंग में पिछड़ रहे विभागों को प्रदर्शन सुधारने हेतु ठोस कदम उठाने को कहा।

उन्होंने सभी विभागों को अपनी प्रगति रिपोर्ट माह के अंतिम दिवस से पूर्व अनिवार्य रूप से डैशबोर्ड पर फीड करने और उसकी स्वयं मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.पी. सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री दिग्विजय नाथ तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी श्री सूर्य प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी श्री जाहिद हुसैन, उपायुक्त उद्योग श्री मनीष पाठक सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी एवं समस्त खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।


पुलिस अधीक्षक रामपुर द्वारा कंट्रोल रूम का आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की समीक्षा कर दिए निर्देश
रामपुर। दिनांक 25 मई 2025 को पुलिस अधीक्षक रामपुर ने अपर पुलिस अधीक्षक के साथ पुलिस कंट्रोल रूम, एकीकृत कमांड रूम एवं यूपी-112 कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने संबंधित दस्तावेजों के रख-रखाव की स्थिति, रजिस्टरों में की जाने वाली प्रविष्टियों की गुणवत्ता और सटीकता की गहन जांच की। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी प्रविष्टियां समयबद्ध, स्पष्ट एवं नियमों के अनुरूप हों।

एकीकृत कमांड रूम में जनपद के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का भी जायजा लिया गया। कैमरों की सक्रियता, निगरानी क्षमता एवं तकनीकी स्थिति की जांच कर आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त, कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, व्यवस्थाओं की सुचारुता एवं कर्मचारियों की उपस्थिति की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बनाए रखने एवं प्रत्येक गतिविधि का समुचित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए।

यह निरीक्षण कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

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