रामपुर: सिंगनखेड़ा गांव में मेरठ से आए वैज्ञानिकों ने किया पशुओं का उपचार

बांझपन, कुपोषण और संक्रमण की वैज्ञानिक जांच, 126 पशुओं का हुआ नि:शुल्क इलाज

रामपुर: सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ के पशु चिकित्सा वैज्ञानिकों की टीम ने पशुपालन विभाग के सहयोग से ग्राम सिंगनखेड़ा में विशेष पशुधन बाँझपन निवारण शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पशुओं में बांझपन, कुपोषण और गर्भाशय संक्रमण जैसी समस्याओं की पहचान कर उनका वैज्ञानिक समाधान करना था।

कुलपति के निर्देशन में हुआ शिविर आयोजन
यह शिविर कुलपति डॉ. के. के. सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर का उद्घाटन मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वेद प्रकाश ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने गौशालाओं में निराश्रित गौवंश के लिए भूसा दान करने की अपील भी की।

वैज्ञानिक उपकरणों से हुई पशुओं की गहन जांच
परियोजना प्रभारी प्रो. अमित वर्मा ने बताया कि निराश्रित गौवंश की बढ़ती संख्या का एक बड़ा कारण बांझपन और कुपोषण है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा हर सप्ताह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसी एक गांव में अल्ट्रासाउंड मशीन, माइक्रोस्कोप जैसे उपकरणों की सहायता से पशुओं की गहन जांच की जा रही है।

126 पशुओं की जांच, नि:शुल्क दवाओं का वितरण
शिविर में पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम – डॉ. अमित वर्मा, डॉ. प्रेम सागर मौर्या, डॉ. विकास सचान, डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. अतुल पुष्कर, डॉ. साक्षी सिंह सहित अन्य विशेषज्ञों ने 126 से अधिक पशुओं की जांच की। इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के सहयोग से पशुपालकों को नि:शुल्क दवाएं भी वितरित की गईं।

ग्रामीणों ने बढ़-चढ़ कर लिया भाग
इस शिविर में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम लखन, रेणु आर्य, फैजान अली, विनय कुमार, रूपाली ग्राम प्रधान और स्थानीय पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाया।

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