Pakistans Air Defence: पाकिस्तान ने भारत पर किया हमला, PAK का HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम तबाह
ANI रिपोर्ट के मुताबिक चीन निर्मित मिसाइल सिस्टम को भारी नुकसान, पाकिस्तान की हवाई रक्षा पर बड़ा असर
नई दिल्ली/इस्लामाबाद, 8 मई 2025 — भारत द्वारा हाल में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित चीन निर्मित HQ-9 मिसाइल सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सटीक हमलों ने न केवल कई HQ-9 लॉन्चर तबाह किए बल्कि उनसे जुड़े अत्याधुनिक रडार सिस्टम को भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे पाकिस्तान की अग्रिम हवाई रक्षा क्षमता को करारा झटका लगा है।
पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया था, लेकिन भारत ने जवाबी कार्रवाई में न केवल हमले को नाकाम किया बल्कि पाकिस्तान के एयर डिफेंस नेटवर्क की रीढ़ माने जाने वाले सिस्टम को भी तहस-नहस कर दिया।
क्या है HQ-9 मिसाइल सिस्टम?
HQ-9 एक लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जिसे चाइना प्रिसिजन मशीनरी इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (CPMIEC) ने तैयार किया है। इसे चीन की उन्नत सैन्य तकनीक का प्रतीक माना जाता है। पाकिस्तान ने इसे वर्ष 2021 में अपने बहुस्तरीय एयर डिफेंस सिस्टम में शामिल किया था, खासतौर पर भारत की हवाई ताकत — जैसे राफेल फाइटर जेट, सुखोई Su-30MKI और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल — से बचाव के लिए।
Pakistan’s Air Defence units of HQ-9 air defence missile launchers have suffered heavy damage: Sources pic.twitter.com/fTFvPApA99
— ANI (@ANI) May 8, 2025
HQ-9 की ताकत क्या थी?
रेंज: 125 से 200 किलोमीटर तक
एक साथ ट्रैकिंग क्षमता: 100 हवाई लक्ष्यों को ट्रैक कर उनमें से कई को इंटरसेप्ट करने में सक्षम
रडार तकनीक: अत्याधुनिक AESA (Active Electronically Scanned Array) आधारित रडार सिस्टम
तैनाती: खासतौर पर सीमावर्ती इलाकों और रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर सुरक्षा के लिए
ऑपरेशन सिंदूर से उजागर हुई कमजोरियां
ऑपरेशन सिंदूर ने HQ-9 की सीमाओं को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के हाई-प्रिसिजन स्ट्राइक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं ने चीन निर्मित इस प्रणाली की तकनीकी खामियों को भेद दिया।
अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान को अपने डिफेंस पार्टनर चीन से मिली यह रक्षा प्रणाली भविष्य के युद्ध परिदृश्य में भरोसेमंद साबित हो सकेगी या नहीं।
