बीजिंग। चीनी भूविज्ञानियों ने अरबों डॉलर मूल्य के एक विशाल 1,000 टन सोने के भंडार की खोज की है। यह भंडार न केवल विशाल है, बल्कि वैज्ञानिकों के अनुसार इसे निकालना भी बेहद आसान होगा। लियाओनिंग प्रांत में मिले इस खजाने को धरती की तिजोरी कहा जा रहा है। विशेषज्ञों ने बताया कि साइट पर किए गए हर ड्रिलिंग छेद में अयस्क मिला है, जो इसकी उच्च सांद्रता को दर्शाता है।
कितनी बड़ी है यह धरती की तिजोरी?
ब्रिटिश अखबार इंडिपेंडेंट के अनुसार, यह नया सोने का भंडार 3 किलोमीटर लंबा और 2.5 किलोमीटर चौड़ा है। यानी यह भंडार भू-गर्भ में कई किलोमीटर तक फैला हुआ है, जिससे इसके बड़े स्तर पर होने की पुष्टि होती है।
अरबों डॉलर का सोना दबा है जमीन के नीचे
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, लियाओनिंग की जमीन के नीचे छिपा सोना अरबों डॉलर का हो सकता है। इस खोज को चीनी वैज्ञानिकों ने देश की संसाधन सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया है।
नई तकनीक का असर, लगातार मिल रही सफलताएं
चीन की नई खनिज पूर्वेक्षण तकनीक ने लगातार बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। हाल ही में मिली यह खोज हुनान प्रांत में कुछ महीने पहले हुए एक और बड़े सोने के भंडार की खोज के बाद हुई है। उस समय भी वैज्ञानिकों ने $80 बिलियन मूल्य का सोना मिलने की जानकारी दी थी।
हुनान में पहले भी मिला था सोने का बड़ा खजाना
हुनान प्रांत के वांगू गोल्डफील्ड में नवंबर 2024 में वैज्ञानिकों ने जमीन से करीब एक मील नीचे 40 सोने की नसें खोजी थीं, जिनकी कीमत 80 अरब डॉलर आंकी गई थी। इस खोज ने भी पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था।
सोना बना चीन की ताकत
वर्तमान में चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोना उत्पादक देश है। साल 2024 में चीन ने लगभग 380 टन सोना उत्पादन किया था। हालांकि, अब तक वह दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से पीछे था। लेकिन लियाओनिंग और हुनान की यह खोज चीन को उन देशों के समकक्ष लाकर खड़ा कर सकती है।
टैरिफ की जंग में सोना बना रणनीतिक हथियार
वैश्विक वित्तीय अस्थिरता और टैरिफ युद्ध के दौर में सोना अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने का अहम जरिया बन गया है। इसके अलावा, बैटरियों और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में भी सोने का अहम योगदान है, जो चीन की दीर्घकालिक औद्योगिक रणनीति के लिए बेहद जरूरी है।
