आवारा श्वानों के हमले के साथ मोहतरमा के भी बढ़े हमले
पहले बेगम ने भाईजान के साथ मिलकर शौहर को लाठियों से किया था अधमराअब वाइफ ने हसबैंड को लाठियों से कर दिया घायल
पुरुष प्रधान समाज को दिखाया ठेंगा
- रिपोर्ट: राजीव श्रीवास्तव
इक्कसवीं सदी की महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में आगे है।अब पुरुष प्रधान समाज में पतियों को मारपीट कर अपना लोहा मनवा चुकी है। गनीमत यह है कि कतिपय पति खामोशी के कारण बच रहे है। लेकिन पर्दे के समांतर हर घर में गड़बड़झाला है।वो कब शिकार हो जाए कहा नहीं जा सकता है।अफसोस आवारा श्वानों को कंट्रोल नगर निगम कर रहा है लेकिन चेहरे पर मासूमियत लेकर हाथों में लठ्ठ से हमला करने वाली इक्कीसवीं सदी की महिलाओं के हमले पर कैसे लगाम लगाए यह गम्भीर चिंतनीय विषय बन गया है।हाल ही में अलवर शहर के निकट गांव में शौहर ने बेगम से खाना बनाने का अनुरोध किया।
यह अनुरोध शौहर के लिए भारी पड़ गया और वर्तमान में शौहर का इलाज चल रहा है।बेगम ने अनुरोध का सहज ही पालन करने की बजाय यह कहा कि जानते नहीं हो मैं इक्कसवीं सदी की महिला हूं और अपने अधिकारों को जानती हूं। बस फिर क्या था।बेगम ने फूफी जान के लड़के के साथ शौहर की लाठियों से जमकर पिटाई की। पड़ोसियों ने आकर लहूलुहान शौहर को बचाया था। अब उद्योग नगर थाना क्षेत्र के गांव में हसबैंड को उसकी वाइफ ने भाभी के साथ मिलकर डंडों से हमला कर घायल कर दिया। पीड़ित हसबैंड का आरोप है कि पिछले एक साल से मानसिक और शारीरिक अत्याचार किया जा रहा हैं। वजह यह है कि पत्नी डेढ़ सौ गज प्लॉट को हड़पना चाहती है।
बहरहाल इक्कसवीं सदी में महिलाएं पति,सास ,ससुर पर अत्याचार कर रही है और आवाज उठाने पर 498 का सहारा लेकर ससुराल पक्ष को ही फंसा रही है।
