सीएम भजनलाल शर्मा का दिल्ली दौरा: 9 केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को नई दिल्ली दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कुल 9 केंद्रीय मंत्रियों से शिष्टाचार भेंट की। हालांकि यह भेंट एक सामान्य राजनीतिक मुलाकात के रूप में सामने आई, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस दौरे के कई मायने निकाले जा रहे हैं। खासकर राजस्थान मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं गरमा गई हैं।

राजस्थान के सीएम ने जिन केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की:

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा

केंद्रीय श्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

केंद्रीय ऊर्जा व शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल

 

भेंट का मुख्य उद्देश्य: विकास योजनाओं के लिए सहयोग
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में सभी केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राजस्थान में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा। उन्होंने राज्य में चल रही योजनाओं की जानकारी देते हुए विभिन्न विभागों से तालमेल बनाकर कार्यों को गति देने पर जोर दिया।

राजनीतिक हलचल: मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत
सीएम के दिल्ली दौरे के बाद राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें और तेज हो गई हैं। वर्तमान में राज्य मंत्रिमंडल में 6 पद खाली हैं, वहीं डिप्टी सीएम पद पर भी बदलाव की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, अनिता भदेल, डॉ. मंजू बाघमार, जोगेश्वर गर्ग और जितेंद्र गोठवाल में से किसी एक को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।

संभावित नए मंत्री: अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
फेरबदल में जिन नए चेहरों को मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, उनमें कालीचरण सराफ, श्रीचंद कृपलानी जैसे अनुभवी नेता शामिल हैं। इसके अलावा रेवंतराम डांगा, भेराराम सियोल, शैलेश दिगंबर सिंह, राजेंद्र गुर्जर, संदीप शर्मा, लालाराम बैरवा और जितेंद्र गोठवाल के नाम भी चर्चा में हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं
राजस्थान में कुल 200 विधानसभा सीटों में से 15% यानी अधिकतम 30 मंत्री हो सकते हैं, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। फिलहाल राज्य में मुख्यमंत्री समेत 24 मंत्री हैं, ऐसे में छह और मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है।

सीएम भजनलाल शर्मा का यह दिल्ली दौरा केवल विकास कार्यों को गति देने के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक स्तर पर बदलाव की भूमिका तैयार करने के संकेत भी देता है। आगामी हफ्तों में राजस्थान की राजनीति में कई अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.