मीरजापुर: जिला अस्पताल में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, मरीज हो रहे परेशान
थायराइड और यूरिन कल्चर जांच तक नहीं उपलब्ध
- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
मीरजापुर : मीरजापुर जनपद का मंडलीय चिकित्सालय, जो कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र है, इस समय बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। सरकार के दावों और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के प्रयासों से मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बावजूद यहां थायराइड और यूरिन कल्चर जैसी जरूरी जांच सेवाएं अब तक शुरू नहीं हो सकी हैं।
प्रभावशाली जनप्रतिनिधि, फिर भी हालात जस के तस
जनपद में पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा के विधायक, एक एमएलसी विनीत सिंह और सांसद अनुप्रिया पटेल जैसी प्रभावशाली शख्सियतें मौजूद हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्था की यह बदहाली जनता के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
तीन जिलों के मरीज हैं इस अस्पताल पर निर्भर
यह अस्पताल न केवल मीरजापुर, बल्कि भदोही और सोनभद्र जिलों के मरीजों के लिए भी एकमात्र आशा का केंद्र है। खासकर आदिवासी बहुल सोनभद्र से आने वाले गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग बड़ी उम्मीद लेकर यहां इलाज कराने आते हैं, लेकिन जरूरी जांच सुविधाओं के अभाव में उन्हें निजी लैब की शरण में जाना पड़ता है।
गरीब मरीजों पर बढ़ता आर्थिक बोझ
मरीजों ने बताया कि वह दूर-दराज से किराया खर्च कर यहां पहुंचते हैं, लेकिन जांच सुविधा न होने के कारण उन्हें निजी पैथोलॉजी पर निर्भर होना पड़ता है, जो उनके लिए एक भारी आर्थिक बोझ बन जाता है।
अस्पताल प्रशासन के पास नहीं कोई ठोस जवाब
जब इस विषय में मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के अधिकारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ये जांच सुविधाएं अभी उपलब्ध नहीं हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) ने दावा किया कि “कुछ दिनों में सुविधा शुरू हो जाएगी”, लेकिन कोई ठोस समयसीमा नहीं दी गई, जिससे मरीजों की चिंता और बढ़ गई है।
लापरवाही बनी मरीजों की परेशानी का कारण
स्थानीय लोगों और मरीजों का आरोप है कि जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी गई सुविधाएं आम जनता तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
जनता की मांग: जल्द मिले जांच की सुविधा
मरीजों और स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मंडलीय जिला अस्पताल में जल्द से जल्द थायराइड जांच, यूरिन कल्चर सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की जाएं, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके।
अब भी अनुत्तरित है सवाल: क्यों बदहाल हैं स्वास्थ्य सेवाएं?
इतने संसाधनों और मजबूत राजनीतिक नेतृत्व के बावजूद मीरजापुर की स्वास्थ्य व्यवस्था क्यों बदहाल है, यह सवाल अब भी जवाब का इंतजार कर रहा है।
