‘गंगाजल विवाद’ पर बीजेपी की बड़ी कार्रवाई, ज्ञानदेव आहूजा पार्टी से निलंबित

जयपुर | राजस्थान की राजनीति में उबाल ला देने वाले ‘गंगाजल विवाद’ पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने दलित नेता एवं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर दर्शन के बाद गंगाजल छिड़कने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।

यह निर्णय ऐसे समय पर आया है जब प्रदेशभर में दलित समुदाय के भीतर आक्रोश देखा जा रहा है। दलित समाज से जुड़े संगठनों और विपक्षी दलों ने इस कृत्य की तीखी आलोचना की थी, जिसे लेकर भाजपा अब डैमेज कंट्रोल की कोशिश में जुटी नजर आ रही है।

बीजेपी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, “भारतीय जनता पार्टी सामाजिक समरसता और समानता में विश्वास रखती है। किसी भी प्रकार का भेदभाव या जातिगत टिप्पणी पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है।” पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई भी आचरण, जो समाज में विभाजन पैदा करे, कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उधर, टीकाराम जूली ने भी इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी और इसे दलित समाज के अपमान के तौर पर देखा था। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे समुदाय का अपमान है।

राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को बीजेपी की रणनीतिक कोशिश माना जा रहा है, जिससे वह आगामी चुनावों से पहले दलित वोटबैंक की नाराजगी को कम करना चाहती है। अब देखना होगा कि यह फैसला राजनीतिक माहौल को कितना शांत कर पाता है।

About The Author

Leave A Reply

Your email address will not be published.