आयुष्मान योजना के कार्ड मरीजों के लिए बन गए हैं जी का जंजाल: कुमारी सैलजा

फिजीशियन, हड्डी और बाल रोग विशेषज्ञों में बिलों में भारी कटौती से नाराजगी

रिपोर्ट: एम पी भार्गव

ऐलनाबाद : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में सरकार की उदासीनता और बिलों में भुगतान में कमीशन खोरी के चलते आयुष्मान कार्ड अब सिर्फ एक कार्ड बनकर रह गए हैं। डॉक्टर अब इस कार्ड पर मरीजों का इलाज करने से कतराने लगे हैं। प्रदेश के कोई भी फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ अब इस कार्ड पर मरीजों का इलाज करने से साफ इंकार कर रहे हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि अगर सरकार ने जनता को इस कार्ड से मुफ्त इलाज देने का वादा किया है, तो उसे इसे ईमानदारी से पूरा करना चाहिए। इस मद में डॉक्टरों का सरकार पर कई सौ करोड़ रुपये का बिल बकाया है, जिसका भुगतान सरकार ने 28 फरवरी तक करने का वादा किया है।

आयुष्मान योजना बन चुकी है मरीजों के लिए सिरदर्द
कुमारी सैलजा ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि सरकार ने आयुष्मान कार्ड योजना के तहत मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी है, लेकिन यह योजना अब मरीजों के लिए जी का जंजाल बन गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कई बार आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज करने से इंकार किया, लेकिन सरकार ने जल्द भुगतान का आश्वासन देकर उन्हें मना लिया। कुमारी सैलजा ने बताया कि सरकार की ओर से समय पर इलाज की राशि का भुगतान नहीं किया जाता है और जो बिल अस्पतालों से भेजे जाते हैं, उनमें 70 प्रतिशत तक की कटौती कर दी जाती है। आईएमए बार-बार कह रही है कि इस योजना के तहत इलाज की दरों में वृद्धि की जानी चाहिए, क्योंकि बेवजह भुगतान में कटौती की जा रही है।

डॉक्टरों को हो रहा आर्थिक नुकसान
कुमारी सैलजा ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी फिजीशियन को हो रही है, क्योंकि उनकी द्वारा लगाए गए मेडिसन बिल का पूरा भुगतान नहीं किया जाता है। उनके बिलों में 70 प्रतिशत तक की कटौती की जाती है, जिससे डॉक्टरों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

बाल रोग विशेषज्ञों और हड्डी रोग विशेषज्ञों की बढ़ती परेशानियां
सांसद सैलजा ने कहा कि इसी प्रकार की समस्याओं का सामना बाल रोग विशेषज्ञों को भी करना पड़ रहा है। बिलों में भारी कटौती के चलते बाल रोग विशेषज्ञों ने आयुष्मान कार्ड पर बच्चों का इलाज करना ही बंद कर दिया है। इसके अलावा हड्डी रोग विशेषज्ञों ने भी इंप्लांट के मामलों को लेने से मना कर दिया है, क्योंकि यहां भी सरकार के बिलों के भुगतान में मनमानी की जा रही है। कुछ सप्ताह पहले आईएमए ने बकाया भुगतान को लेकर इस कार्ड के आधार पर इलाज से मना कर दिया था, लेकिन सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि 28 फरवरी तक सभी भुगतान कर दिए जाएंगे। कुमारी सैलजा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ऐसा नहीं कर पाई तो प्रदेश में आयुष्मान कार्ड पर कोई भी डॉक्टर मरीजों का इलाज नहीं करेगा।

सरकार को पारदर्शिता से योजना लागू करनी चाहिए
कुमारी सैलजा ने कहा कि अगर सरकार कोई योजना लागू करती है, तो उसमें पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।

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