गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में वीसी न होने पर सांसद गुरजीत औजला का पंजाब सरकार पर हमला

"यूनिवर्सिटी में फाउंडेशन ही नहीं तो यूनिवर्सिटी कैसे चलेगी?"

अमृतसर: गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के कुलपति जसपाल सिंह संधू का कार्यकाल 16 नवंबर, 2024 को समाप्त होने के बाद से विश्वविद्यालय में अभी तक किसी भी नए कुलपति की नियुक्ति नहीं हुई है। इस पर अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पंजाब सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कड़ी आलोचना की है।

सांसद औजला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि “जब विश्वविद्यालय में वीसी ही नहीं होगा, तो उसका प्रबंधन कैसे चलेगा?” उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे न केवल विश्वविद्यालय का प्रशासन बाधित हो रहा है, बल्कि छात्रों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने पंजाब सरकार पर शिक्षा के नाम पर राजनीति करने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। औजला ने कहा, “यह पहली बार है कि गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी का स्थापना दिवस बिना कुलपति के मनाया गया।”

उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार तुरंत कार्रवाई करे और उन सभी विश्वविद्यालयों में नियमित वीसी नियुक्त करे, जहां यह पद खाली है। औजला ने कहा कि सरकार की यह लापरवाही राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।

गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में कुलपति का पद लंबे समय तक खाली रहना, सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है। अब देखना होगा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे पर कब और क्या कदम उठाती है।

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