Shardiya Navratri 2024: यहां जानें कब मनाई जाएगी महानवमी और पूजा का महत्व

सनातन धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति विधि-विधान से नवरात्रि व्रत का पालन करता है, उसे जीवन में सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महानवमी व्रत का पालन किया जाता है। हालांकि इस वर्ष महानवमी व्रत की तिथि को लेकर कुछ लोगों के मन में उलझन है। आइए जानते हैं, कब रखा जाएगा महानवमी व्रत और इसका पूजा महत्व क्या है।

नवरात्रि महानवमी व्रत 2024 तिथि
पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का प्रारंभ 11 अक्टूबर 2024 को दोपहर 12:10 बजे होगा और इसका समापन 12 अक्टूबर 2024 को सुबह 10:55 बजे पर होगा। हिंदू धर्म में व्रत या उपवास के लिए उदया तिथि को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस वर्ष नवरात्रि का महा नवमी व्रत 11 अक्टूबर 2024, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। विशेष बात यह है कि इस दिन दुर्गा अष्टमी और महानवमी व्रत एक साथ मनाए जाएंगे।

महानवमी व्रत का महत्व
महानवमी के दिन सनातन धर्म में देवी दुर्गा के महिषासुर मर्दिनी रूप की विशेष उपासना की जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन मां दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था, जिससे वह महिषासुर मर्दिनी के रूप में पूजी जाती हैं। मान्यता है कि महानवमी के दिन देवी दुर्गा की पूजा करने से सभी प्रकार के कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं। इस दिन विधि-विधान से मां भगवती की आराधना और कन्या पूजन करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

दान-पुण्य का महत्व
महानवमी के दिन दान-पुण्य को भी अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या अन्य सामग्री का दान करना शुभ फलदायी होता है। इस दिन किए गए दान से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और देवी मां की कृपा से जीवन में समृद्धि आती है।

नवरात्रि के इस विशेष दिन पर मां दुर्गा की आराधना और दान-पुण्य से जीवन में शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्था पर आधारित हैं. khabrejunction.Com इसकी पुष्टि नहीं करता.

 

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