सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में जेलों में जाति-आधारित भेदभाव को अनुच्छेद-15 का उल्लंघन करार दिया। यह निर्णय एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद आया, जिसमें जेल मैनुअल के तहत निचली जाति के कैदियों को सफाई और झाड़ू लगाने का काम सौंपने और उच्च जाति के कैदियों को खाना पकाने का काम देने की व्यवस्था को चुनौती दी गई थी।
कोर्ट ने इसे असंवैधानिक ठहराते हुए कहा कि इस तरह की व्यवस्थाएं सीधे तौर पर जातिगत भेदभाव करती हैं, जो समानता के अधिकार के खिलाफ है। अदालत ने केंद्र और राज्यों से इस व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
