रामलीला में सुग्रीव मित्रता बाली वध लंका दहन का हुआ मंचन

सिकंदराबाद। नगर में चल रही रामलीला में राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध और लंका दहन की लीला का मंचन हुआ। महासचिव अरविंद दीक्षित ने भगवान राम और लक्ष्मण की आरती कर लीला का शुभारंभ किया।

लीला मंचन की शुरुआत वन में प्रभु राम और लक्ष्मण द्वारा सीता मैया की खोज से हुई। हनुमान ने कंधों पर राम और लक्ष्मण को बैठाया और सुग्रीव के पास ले गए। जहां अग्नि को साक्षी मानकर दोनों ने मित्रता निभाने का वचन लिया। सुग्रीव से पर्वत पर रहने का कारण पूछकर श्रीराम के कहने पर सुग्रीव ने बाली को युद्ध के लिए ललकारा।

सुग्रीव और बाली के बीच जोरदार संवाद और देर तक युद्ध चला। इसके बाद प्रभु राम ने बाली का वध किया। इसके बाद सुग्रीव ने माता सीता की खोज के लिए हनुमानजी को भेजा। हनुमानजी ने लंका पहुंचकर अशोक वाटिका में माता सीता को रामजी का संदेश दिया। हनुमान द्वारा वाटिका उजाड़ने की सूचना मिलते ही अक्षय कुमार वाटिका पहुंचे।

जहां हनुमान और अक्षय कुमार के बीच युद्ध हुआ। इसके बाद मेघनाद युद्ध करने पहुंचा। मेघनाद ने हनुमान जी को बांधकर रावण के दरबार में हाजिर किया। रावण की आज्ञा से हनुमान की पूंछ में आग लगाई। हनुमानजी ने उछल-कूद कर पूरी लंका जला दी। इस दौरान अरविंद दीक्षित, लोकेश कौशल, राहुल गुप्ता, अर्जुन वर्मा उपस्थित रहे।

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