मोदीनगर। गाजियाबाद जिले के मोदीनगर की निवासी वंदना जोशी ने एक गंभीर प्रकरण को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना-पत्र भेजा है। प्रार्थनी का आरोप है कि डांडिया कार्यक्रम के आयोजन के दौरान बी.आर. फार्म हाउस (दिल्ली-मेरठ हाईवे, पिलर नम्बर 1029 के सामने) के ठेकेदार मोनू सभासद (वार्ड-11) और उसके साथियों ने अभद्रता करते हुए उन्हें और उनके मेहमानों को जबरन कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा।
प्रार्थना-पत्र के अनुसार, वंदना जोशी ने 21 सितंबर 2025 को डांडिया कार्यक्रम आयोजित करने के लिए फार्म हाउस किराए पर लिया था। ठेकेदार ने 60 हजार रुपये में दोपहर 3 बजे से रात 11 बजे तक का समय देने की बात कही थी। लेकिन कार्यक्रम से तीन दिन पहले अचानक किराया बढ़ाकर 80 हजार कर दिया गया। कार्यक्रम वाले दिन भी फार्म हाउस समय पर उपलब्ध नहीं कराया गया और शाम 7:30 बजे दिया गया।
जब इस देरी और किराए में बढ़ोतरी का विरोध किया गया, तो आरोप है कि मोनू, उसका भाई सोनू और स्टाफ ने गाली-गलौज करते हुए हप्रार्थनी को कमरे में चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। और प्रोग्राम के बाद रात एक बजे। मैरिज होम के दोनों दरवाजो को बंद कर दिया गया था। पीड़िता ने बताया उनके मेहमानों को भी, रात में लगभग आधा घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। और देर रात छोड़ा गया। पीड़िता ने जानकारी देते हुए बताया कि बी आर फार्म हाउस,
हमेशा विवादो में रहता है। कुछ दिन पहले ही इसी फार्म हाउस से 13 लोगों को जुआ खेलते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया था। और इस फार्म हाउस के साथ साथ, जितने भी फार्म हाउस मोनू ने ठेके पर लिए हुए है। सभी में जुआ, वेश्यावृत्ति, अन्य तरह के अवैध काले कारोबार किए जाते हैं। मोनू व भाई सोनू पर जुआ महिला से मारपीट। अनैतिक कार्य को लेकर, थाना मोदीनगर थाना निवाडी आदि पर मुकदमें दर्ज हैं। लेकिन कोई भी पुलिस अधिकारी, जल्दी से मोनू पर कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। क्योंकि मोनू मौजूदा में वार्ड नम्बर 11 से वार्ड मैम्बर हैं। इस वजह से कोई भी पुलिस वाला मोनू या उसके भाई पर कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं करता है। और जो हिम्मत करता है। उस पर बिना किसी सबूत झूठे आरोप लगाकर। राजनीति दबाव बनाने हुए। अधिकारियों से कार्यवाही करने वाले, पुलिस कर्मियों पर ही कार्यवाही का अनैतिक दबाव बनाया जाता है। और लाईन हाजिर कर दिया जाता है।
अभी कुछ दिन पहले ही मोदीनगर गोविंदपुरी चौकी के इंचार्ज दरोगा अनिश गौतम के द्वारा,आलाधिकारियों के आदेश व मोनू का क्राईम रिकार्ड देखते हुए। मोनू पर धारा 129 की कार्यवाही की गई थी। यह कार्यवाही गुंडा एक्ट से छोटी कार्यवाही प्रशासन की ओर से की जाति है। और इसका मतलब होता है। कि अगर कोई व्यक्ति किसी सरकारी अधिकारी (Public Servant) को उसके काम (कानूनी कर्तव्य) को करने से बल,डर,धमकी या शस्त्र के बल पर रोकता है, तो उसके खिलाफ धारा 129 BNS के तहत कार्रवाई की जाती है। जिस पर मोनू ने नोटिस तामील करने तक के लिए। साफ इन्कार कर दिया गया था। और बाद में अपनी राजनीति का रसूख दिखाते हुए। शहर के बाकी सभासदों को अपनी कमियां छिपाते हुए, भ्रमित करते हुए। चौकी इंचार्ज अनिश गौतम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए। गोविंदपुरी चौकी पर सभासदों के साथ हंगामा करते हुए। चौकी इंचार्ज को लाईन हाजिर करा दिया गया था। अब आप खुद देख सकते हैं। कितने पावर फुल इंसान हैं। मोनू व उसका भाई। अब ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठाना। इतना आसान नहीं था। पीड़िता का कहना है कि जाते वक्त ठेकेदार और उसके साथियों ने शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जिस से डर के कारण उन्होंने तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। अब हिम्मत जुटाते हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री और समाधान दिवस में शिकायती पत्र देते हुए। इस पूरे मामले की जांच कर। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाही और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
