नई दिल्ली: सोने की कीमतें रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही हैं। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने के दाम में बड़ी तेजी आई है। पिछले एक दशक में सोना ₹25,000 से बढ़कर ₹84,300 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुका है।
बीते सालों में सोने का सफर
अगस्त 2011: ₹25,000 प्रति 10 ग्राम
जुलाई 2020: ₹50,000 का आंकड़ा पार
सितंबर 2024: ₹75,000 तक पहुंचा
मार्च 2025: ₹84,300 प्रति 10 ग्राम
वर्तमान में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹8,430 प्रति ग्राम है। अब सवाल उठता है कि क्या सोने के दाम ₹1 लाख के स्तर को पार कर सकते हैं?
₹1 लाख तक कैसे पहुंचेगा सोना?
वर्तमान भाव से ₹1 लाख तक पहुंचने के लिए सिर्फ 13.5% की वृद्धि की जरूरत है। वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक तनाव से सोने की मांग बढ़ सकती है, जिससे यह कीमत संभव हो सकती है।
पिछले 5 साल में जबरदस्त उछाल
2016: ₹28,623 प्रति 10 ग्राम
2020: ₹50,000 (लगभग ₹20,000 की बढ़ोतरी)
2025: ₹79,200 (पिछले 5 साल में ₹30,000+ की वृद्धि)
क्या सोना ₹1 लाख के पार जाएगा?
विशेषज्ञों की राय:
🔹 कामा ज्वेलरी के एमडी कॉलिन शाह:
“भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी टैरिफ और मंदी की चिंताओं के कारण 2025 में सोना नई ऊंचाइयों को छू सकता है।”
🔹 ऑग्मोंट रिसर्च हेड डॉ. रेनीशा चैनानी:
“इस साल सोने के ₹1 लाख तक पहुंचने की संभावना कम है। हालांकि, अगर कोई बड़ा आर्थिक संकट या विश्व युद्ध जैसी स्थिति बनी, तो यह संभव हो सकता है।”
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें
वर्तमान में 1 औंस सोना $2,858 (10 ग्राम = $1,027)
INR-USD विनिमय दर ₹87/$ के हिसाब से भारत में सोने की कीमत ₹89,400 के करीब
अगर सोना $3,000 प्रति औंस तक जाता है, तो भारत में ₹1 लाख तक पहुंच सकता है
फेडरल रिजर्व की नीतियों का असर
ब्याज दरों में 1% की कटौती से सोने की कीमतों को समर्थन मिला
यदि महंगाई बढ़ी, तो फेड ब्याज दरों में फिर से वृद्धि कर सकता है, जिससे डॉलर मजबूत होगा और सोना महंगा हो सकता है
👉 निष्कर्ष: सोने की कीमतें ₹1 लाख तक पहुंच सकती हैं, लेकिन यह वैश्विक आर्थिक नीतियों, भू-राजनीतिक घटनाओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों पर निर्भर करेगा।
