कम खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है वजन? जानिए मेटाबॉलिज्म और BMR का पूरा खेल

अक्सर आपने लोगों को कहते सुना होगा—“मैं बहुत कम खाता हूं, फिर भी वजन कम नहीं होता।” कई बार यह बात सुनकर हैरानी भी होती है, क्योंकि दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे होते हैं जो दिनभर खाते रहते हैं, फिर भी उनका वजन नहीं बढ़ता। यह स्थिति कई लोगों को अनफेयर, कन्फ्यूजिंग और फ्रस्ट्रेटिंग लगती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसमें झूठ नहीं बल्कि वैज्ञानिक सच्चाई छिपी है।

वजन बढ़ना सिर्फ खाने से नहीं जुड़ा

विशेषज्ञों का कहना है कि वजन बढ़ना या घटना केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप कितना खाते हैं, बल्कि इस पर भी निर्भर करता है कि आपका शरीर उस खाने को कितनी तेजी से बर्न करता है। इस पूरी प्रक्रिया का केंद्र है मेटाबॉलिज्म, खासतौर पर बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR)।

BMR वह ऊर्जा है, जिसका उपयोग शरीर केवल जीवित रहने के लिए करता है, जैसे सांस लेना, खून पंप करना, सोचने की प्रक्रिया और पाचन। हर इंसान का मेटाबॉलिक इंजन अलग होता है, इसलिए सबका BMR भी अलग-अलग होता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

इस विषय पर हाल ही में AIIMS, Harvard और Stanford से प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी (MD, MPH) ने जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग कम खाने के बावजूद तेजी से वजन बढ़ाते हैं, जबकि कुछ लोग ज्यादा खाने के बाद भी स्लिम बने रहते हैं।

कम खाकर भी कैसे बढ़ता है वजन?

डॉ. सेठी के अनुसार, कुछ लोगों में जन्म से ही मेटाबॉलिज्म धीमा होता है। इसके पीछे जेनेटिक्स, थायरॉइड फंक्शन, हार्मोनल असंतुलन या कम मसल मास जैसी वजहें हो सकती हैं। ऐसे लोगों का BMR कम होता है, जिससे शरीर आराम की स्थिति में भी कम कैलोरी बर्न करता है।
वहीं जिन लोगों का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, वे आराम करते हुए भी ज्यादा कैलोरी जला लेते हैं, इसलिए उनका वजन आसानी से नहीं बढ़ता।

मसल मास है बड़ा फैक्टर

मसल्स, फैट की तुलना में 3 से 5 गुना ज्यादा कैलोरी बर्न करती हैं, वह भी तब जब शरीर आराम की अवस्था में हो। यही वजह है कि जो लोग एक्टिव रहते हैं या नियमित एक्सरसाइज करते हैं, वे ज्यादा खाने के बावजूद भी वजन कंट्रोल में रख पाते हैं।

क्यों धीमा हो जाता है मेटाबॉलिज्म?

डॉ. सेठी बताते हैं कि कई कारण मेटाबॉलिज्म को स्लो कर सकते हैं, जैसे—

लंबे समय तक क्रैश डाइट या बहुत कम कैलोरी लेना

उम्र के साथ मसल लॉस

हार्मोनल इम्बैलेंस, जैसे इंसुलिन रेसिस्टेंस

ज्यादा स्ट्रेस (हाई कोर्टिसोल) और खराब नींद

वजन बढ़ने वालों में आम कारण

जो लोग कम खाने के बावजूद वजन बढ़ने की शिकायत करते हैं, उनमें अक्सर ये बातें देखी जाती हैं—

कम मसल मास

हार्मोनल असंतुलन

छिपा हुआ स्ट्रेस या हाई कोर्टिसोल

खराब नींद

डाइट के बाद मेटाबॉलिक एडाप्टेशन, जहां शरीर कम कैलोरी पर खुद को एडजस्ट कर लेता है

जो खाते हैं और फिर भी स्लिम रहते हैं

ऐसे लोगों में आमतौर पर—

हाई मेटाबॉलिक रेट

बेहतर इंसुलिन सेंसिटिविटी

ज्यादा मसल मास

रोजाना ज्यादा मूवमेंट

असली लक्ष्य क्या होना चाहिए?

विशेषज्ञों के अनुसार लक्ष्य कम खाना नहीं, बल्कि शरीर को बेहतर तरीके से फैट बर्न करना सिखाना होना चाहिए। इसके लिए—

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मसल बिल्ड करें

मेडिटेशन और ब्रेथवर्क से स्ट्रेस मैनेज करें

रोजाना 7–9 घंटे की अच्छी नींद लें

नियमित मूवमेंट रखें, जैसे वॉकिंग या हल्की गतिविधियां

डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेकर BMR टेस्ट कराएं और लाइफस्टाइल में स्मार्ट बदलाव करें

सही जानकारी और संतुलित जीवनशैली अपनाकर वजन को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।

 

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Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

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