Who is Zama Khan: जमा खान ने फिर ली मंत्री पद की शपथ, जानें कौन हैं कैमूर से आने वाले यह कद्दावर नेता
बिहार की नई नीतीश सरकार में अल्पसंख्यक समाज को एक बार फिर मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है। जमा खान ने दोबारा मंत्री पद की शपथ ली है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मंत्रियों के साथ जमा खान का भी गमछा पहनाकर स्वागत किया। आइए जानते हैं कौन हैं जमा खान और क्या है इनकी राजनीतिक कहानी।
कौन हैं जमा खान?
जमा खान बिहार के कैमूर जिले की चैनपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनका जन्म कैमूर के ही नौघरा गांव में हुआ था। उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई वाराणसी (उत्तर प्रदेश) से की।
अनोखी पारिवारिक कहानी
रिपोर्ट्स के मुताबिक जमा खान का परिवार पहले हिंदू राजपूत था, लेकिन बाद में परिवार ने इस्लाम धर्म अपना लिया। उनकी यह पृष्ठभूमि उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से एक अलग पहचान देती है।
राजनीतिक सफर
2020 में पहली बार बसपा के टिकट पर विधायक बने।
2021 में जेडीयू में शामिल हुए।
पार्टी में शामिल होते ही उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बना दिया गया।
नीतीश सरकार में एक बार फिर उन्हें मंत्री पद का भरोसा दिया गया है।
कितनी है जमा खान की संपत्ति?
जमा खान की कुल संपत्ति लगभग 1.57 करोड़ रुपये बताई जाती है।
नीतीश कुमार द्वारा उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल करना इस बात का संकेत है कि जेडीयू अल्पसंख्यक समुदाय में अपनी पकड़ और मजबूत रखना चाहती है।
नीतीश कुमार के 10वीं बार CM बनने पर यूपी सरकार का बयान
नीतीश कुमार द्वारा 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर उत्तर प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा—
“भाजपा 5 साल चुनाव की तैयारी करती है। जो विद्यार्थी परीक्षा के कुछ महीने पहले गेस पेपर पढ़कर टॉप करना चाहते हैं, यह संभव नहीं है। मेहनत लगती है।”
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार में सभी जातियों को उचित प्रतिनिधित्व मिला है, जो एक स्वागत योग्य कदम है।
दिल्ली लाल किला धमाके पर यूपी मंत्री ने क्या कहा?
NEWS TODAY 24 के यूपी हेड ज्ञानेश वर्मा से बातचीत में जेपीएस राठौर ने कहा—
“दिल्ली लाल किले के पास बम ब्लास्ट के बाद यूपी में जिन आतंकवादियों की गिरफ्तारी हुई है, उन्हें कोर्ट के माध्यम से सूली पर लटकाने का काम करेंगे। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
SIR विवाद पर मंत्री का बयान
कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए राठौर ने कहा—
“कांग्रेस संविधान को सिर पर रखकर घूमती है, लेकिन उसकी बात नहीं मानती। इसका क्या उपाय है?”
बिहार की नई सरकार के गठन के साथ जमा खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर स्पष्ट और तीखी प्रतिक्रिया दी है।
