जब सिरसा के एसपी वी.बी. सिंह ने ठुकराया गृह मंत्री के दामाद का निजी निमंत्रण
गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
हरियाणा के प्रशासनिक इतिहास से जुड़ा एक पुराना प्रसंग उस दौर की याद दिलाता है, जब कुछ अधिकारी राजनीतिक दबाव के आगे झुकने के बजाय अपनी मर्यादा और कर्तव्य को प्राथमिकता देते थे।
करीब वर्ष 1985 के आसपास, जब वी.बी. सिंह सिरसा में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर तैनात थे, तब हरियाणा के तत्कालीन गृह मंत्री लच्छमन दास अरोड़ा के दामाद राहुल सेठिया द्वारा एक निजी आयोजन रखा गया था। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन के अधिकारियों और स्थानीय न्यायाधीशों के लिए आयोजित एक तरह का गेट-टुगेदर था, जो सेठिया के व्यावसायिक प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया था।
सेवानिवृत्त सेशंस जज कुलदीप जैन इस घटना को याद करते हुए बताते हैं, “मैंने हरियाणा में श्री वी.बी. सिंह, आईपीएस, के काम करने का तरीका देखा है। वे बेहद साहसी और ईमानदार पुलिस अधिकारी थे। विधायक की तो बात ही क्या, उन्होंने उस समय के गृह मंत्री लच्छमन दास अरोड़ा के दामाद राहुल सेठिया को भी खुश करने की कोशिश नहीं की, जब वे सिरसा के एसपी थे।”
कुलदीप जैन के अनुसार, कार्यक्रम में आमंत्रण मिलने के बावजूद वी.बी. सिंह उस परिसर के अंदर नहीं गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे वहां केवल अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के लिए आए हैं। वे पूरे समय परिसर के बाहर ही रहे और निजी आयोजन का हिस्सा बनने से इंकार कर दिया।
यह घटना उस दौर में एक उदाहरण के रूप में देखी गई, जब प्रशासनिक निष्पक्षता और व्यक्तिगत ईमानदारी को सर्वोपरि माना जाता था। वी.बी. सिंह का यह रुख बताता है कि वे राजनीतिक प्रभाव से परे रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने में विश्वास रखते थे।
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