Sikri Khurd News | Mandir Development Protest
आज महामाया मंदिर, सीकरी खुर्द के प्रांगण में ग्रामवासियों ने अपने लंबे समय से अनसुनी मांगों को लेकर कार्मिक अनशन शुरू कर दिया। अनशन की अध्यक्षता धर्मपाल प्रधान ने की जबकि संचालन राज वर्मा ने किया। अनशन में विनोद कुमार, अशोक गिरी, राजवीर सिंह, दिनेश गुर्जर और इंद्राज सिंह सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
अनशन का कारण
पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. बबली गुर्जर ने बताया कि महामाया मंदिर का निर्माण लगभग 450 वर्ष पूर्व ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों ने मिलकर कराया था। तब से चैत्र महा नवरात्रों में मेला लगता आ रहा है, जिसमें विभिन्न प्रदेशों से लाखों श्रद्धालु मां के दर्शन करने आते हैं।
वर्षों से ग्राम पंचायत मंदिर के निर्माण और सौंदर्यीकरण का विस्तार करती आ रही थी।
कुछ साल पहले एक कमेटी बनाई गई, जिसके अध्यक्ष उपजिलाधिकारी मोदीनगर होते हैं।
भवन के चढ़ावे का पैसा कमेटी के अकाउंट में जमा होता है, जो लगभग 20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
ग्रामीण वर्षों से मांग कर रहे हैं कि इस राशि का उपयोग भवन के लिए जमीन खरीदने, मंदिर के सौंदर्यीकरण और धर्मशालाओं के निर्माण में किया जाए।
पारदर्शिता की कमी
विकल प्रधान, सीकरी खुर्द निवासी, ने कहा कि जब से गांव नगर पालिका में आया है, तब से मंदिर के चढ़ावे की राशि की पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। कमेटी के सदस्य नहीं जानते कि पैसा कितना आया और कहां गया।
ग्रामीणों की मांग है कि:
मंदिर के नाम से एक ट्रस्ट बनाया जाए।
तहसील और नगरपालिका के अधिकारी एवं गांव के संभ्रांत व्यक्तियों को सदस्य बनाया जाए।
जमा राशि से भवन के लिए जमीन खरीदी जाए और धर्मशालाएं बनाई जाए।
मंदिर को सरकार द्वारा जल्द से जल्द पर्यटक स्थल घोषित किया जाए।
चेतावनी और संघर्ष का ऐलान
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांग पूरी नहीं करता है तो कार्मिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा।
राहुल प्रधान ने कहा कि प्रशासन हर बार बहकाता रहा है, लेकिन इस बार संघर्ष आर-पार का होगा।
उपस्थित प्रमुख ग्रामीण
इस मौके पर मुख्य रूप से धर्मपाल प्रधान, बुधराम, जगदीश सिंह, ओमिंद्र गुर्जर, चाहत राम, जयप्रकाश शर्मा, कमल प्रधान, राज वर्मा, कपिल गुर्जर, अनुज कुमार, विपिन ठेकेदार, नरेंद्र भगत, सोनू सिंह, यशपाल सिंह, सुंदर गुर्जर, मोनू प्रधान, अमित ठेकेदार, राहुल कुमार आदि मौजूद रहे।
