Vastu Tips: घर के मंदिर में घंटी रखते समय न करें ये गलतियाँ, वास्तु के इन नियमों से मिलता है शुभ फल

वास्तु शास्त्र और सनातन धर्म में घर के मंदिर का विशेष महत्व माना गया है। मंदिर में रखी हर वस्तु—दीपक, मूर्ति, घंटी—सबका अपना धार्मिक और ऊर्जात्मक प्रभाव होता है। खास तौर पर पूजा की घंटी को बेहद पवित्र माना गया है। पूजा के समय घंटी बजाने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन वास्तु शास्त्र में घंटी रखने के कुछ विशिष्ट नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है। आइए जानते हैं मंदिर में घंटी रखने और बजाने से जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स।

पूजा की घंटी से जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु नियम

1. घंटी को सही स्थान पर रखें
वास्तु के अनुसार पूजा की घंटी ऐसी जगह रखनी चाहिए कि इसे उठाते समय हमेशा दाहिने (सीधे) हाथ का प्रयोग हो। घंटी का ऊपरी हिस्सा दाहिने हाथ से उठाया जाना शुभ माना जाता है।

2. दक्षिण दिशा में घंटी रखने से बचें
पूजा की घंटी को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। यह दिशा यम की मानी जाती है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने का संकेत माना जाता है।

3. दाहिने हाथ से ही बजाएं घंटी
पूजा करते समय घंटी हमेशा दाहिने हाथ से बजानी चाहिए। पूजा समाप्त होने के बाद घंटी को ऐसे स्थापित करें कि उसका मुख सामने की ओर रहे।

4. घंटी को कभी उल्टा न रखें
घंटी पर अक्सर गरुड़ भगवान की आकृति होती है, जिन्हें विष्णु जी का वाहन माना गया है। घंटी को उल्टा रखने से यह भगवान विष्णु को अप्रसन्न करने का संकेत माना जाता है। इसलिए घंटी हमेशा सीधी स्थिति में ही रखें।

5. गरुड़ घंटी रखना शुभ माना जाता है
हर प्रकार की घंटी शुभ होती है, लेकिन गरुड़ घंटी को विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इसे घर में रखने से मनोकामनाएँ विष्णु भगवान तक शीघ्र पहुँचती हैं। ध्यान रखें—घंटी को हमेशा मंदिर की बाईं ओर रखें और इसे नियमित रूप से बजाएं।

6. घंटी को जमीन पर न रखें
पूजा की घंटी को कभी भी फर्श पर नहीं रखना चाहिए। इसे ऊँचे और साफ स्थान पर रखना ही शुभ माना गया है।

 डिस्क्लेमर:
यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक, धार्मिक और आयुर्वेदिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य केवल परंपरागत आस्थाओं और उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लोगों को अवगत कराना है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.