उत्तर प्रदेश में विधवा पेंशन के लिए ‘पहले आओ-पहले पाओ’ नियम लागू, एक ही समय आवेदन पर कम उम्र वालों को मिलेगी प्राथमिकता
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘निराश्रित महिला पेंशन योजना’ (विधवा पेंशन) के तहत अब लाभार्थियों की सूची पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर तैयार की जाएगी। यदि एक ही दिन और समय पर अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो ऐसे मामलों में कम उम्र की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट का सामना कर रही महिलाओं को सहारा देने के लिए राज्य सरकार यह योजना संचालित कर रही है। इसके तहत पात्र महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे उन्हें जीवनयापन में मदद मिल सके।
योजना की प्रमुख शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और वह उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हो। इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। महिला किसी अन्य राज्य या केंद्र सरकार की पेंशन योजना की लाभार्थी नहीं होनी चाहिए।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन
विधवा पेंशन के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश सामाजिक सुरक्षा पेंशन पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा। वहीं ऑफलाइन आवेदन के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संपर्क किया जा सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और मोबाइल नंबर जरूरी है।
जांच के बाद मिलती है मंजूरी
आवेदन जमा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी (BDO) और शहरी क्षेत्र में एसडीएम द्वारा जांच की जाती है। इसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी और PFMS सत्यापन के बाद आवेदन को मंजूरी दी जाती है।
4 महीने में शुरू हो सकती है पेंशन
सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर आवेदन के लगभग 4 महीने के भीतर पेंशन मिलनी शुरू हो जाती है। पेंशन की राशि साल में चार बार, यानी हर तीन महीने में लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
लिस्ट में नाम ऐसे करें चेक
आवेदक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ‘निराश्रित महिला पेंशन’ टैब में ‘पेंशनर लिस्ट’ विकल्प पर क्लिक कर अपना नाम और स्टेटस ऑनलाइन देख सकते हैं।
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
khabre junction
