वॉशिंगटन, 22 जून (एपी)। अमेरिका ने ईरान के फोर्डो फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट पर अत्याधुनिक ‘बंकर बस्टर’ बमों से हमला कर दिया। यह वही संयंत्र है जिसे ईरान ने पहाड़ के अंदर गहराई में बनाकर किसी भी संभावित हमले से सुरक्षित रखने की कोशिश की थी। अमेरिकी सैन्य प्रमुख जनरल डैन कैन ने रविवार को बताया कि इस हमले में 14 ‘बंकर बस्टर’ बमों का इस्तेमाल किया गया।
जनरल कैन, जो अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष हैं, ने बताया कि बमबारी में फोर्डो के अलावा एक अन्य लक्ष्य को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि “सिर्फ अमेरिका के पास ही ऐसे हथियार गिराने की क्षमता है” और शनिवार को बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स की एशिया की ओर तैनाती ने इस संभावित कार्रवाई के संकेत पहले ही दे दिए थे।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव में अमेरिका ने सीधे हस्तक्षेप किया है। इज़राइल के नेताओं ने पहले ही यह उम्मीद जताई थी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनकी इस जंग में साथ देंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि अगर अमेरिका शामिल नहीं होता, तो उनके पास फोर्डो संयंत्र को नष्ट करने के लिए वैकल्पिक योजना भी तैयार है।
फोर्डो प्लांट की गिनती ईरान के सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकानों में होती है, जिसे अब तक इज़राइली हमलों से कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। लेकिन अमेरिका के इस हस्तक्षेप ने युद्ध को एक नई दिशा दे दी है।
