वॉशिंगटन/कोपेनहेगन।वेनेजुएला के खिलाफ सख्त कार्रवाई के एक दिन बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। द अटलांटिक मैग्जीन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड चाहिए, क्योंकि यह अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है। ट्रंप के इस बयान पर डेनमार्क ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे अपमानजनक करार दिया है।
बड़े इलाके पर कब्जे की इच्छा
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक राजनीति पहले ही गरमाई हुई थी। इसी बीच ट्रंप के ग्रीनलैंड संबंधी बयान ने यूरोप के एक बड़े देश की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप इससे पहले भी अपने कार्यकाल के दौरान ग्रीनलैंड को खरीदने की पेशकश कर चुके हैं।
ट्रंप ने क्या कहा
इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका की रक्षा रणनीति के लिए ग्रीनलैंड बेहद अहम है और इसलिए अमेरिका को इस इलाके पर नियंत्रण चाहिए। उनके इस बयान को कई देशों ने आक्रामक और विस्तारवादी सोच का संकेत माना है।
कितना बड़ा है ग्रीनलैंड
ग्रीनलैंड का कुल क्षेत्रफल लगभग 21 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो वेनेजुएला से भी दोगुना बड़ा है। इसकी राजधानी नुउक है और यहां की आबादी करीब 57 हजार है।
ग्रीनलैंड में क्या है खास
ग्रीनलैंड प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। यहां सोना, कोबाल्ट, निकल के साथ-साथ रेयर अर्थ मिनरल्स का विशाल भंडार मौजूद है, जो आधुनिक तकनीक और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
अभी ग्रीनलैंड किसके अधीन है
साल 1953 में ग्रीनलैंड औपचारिक रूप से डेनमार्क का हिस्सा बना। हालांकि यहां अमेरिका का एक सैन्य बेस और परमाणु रिएक्टर भी मौजूद है, जो इस क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को दर्शाता है।
डेनमार्क की तीखी प्रतिक्रिया
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने ट्रंप के बयान को सख्त शब्दों में खारिज करते हुए कहा कि यह डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों के लिए अपमानजनक है। उन्होंने दोहराया कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है और इसकी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ट्रंप के इस बयान के बाद एक बार फिर ग्रीनलैंड को लेकर वैश्विक राजनीति में तनाव बढ़ता नजर आ रहा है।
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