रामपुर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी, रामपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज शाम 6:00 बजे गांधी समाधि परिसर में “शहीद स्मृति दिवस” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए भारत माता के अमर सपूतों को मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में भावपूर्ण देशभक्ति गीतों एवं दो मिनट के मौन के माध्यम से शहीदों को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव श्री संजय कपूर ने कहा “कारगिल युद्ध भारत के सैन्य इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है, जिसमें हमारे बहादुर जवानों ने विषम परिस्थितियों में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया। आज जब देश के भीतर नफरत और विभाजन की राजनीति हावी है, ऐसे समय में हमें शहीदों की एकता, त्याग और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करनी होगी। शहीदों की शहादत को हम केवल स्मरण ही नहीं करेंगे, बल्कि उनके सपनों के भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।”
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमिल कुमार शर्मा ‘निक्कू पंडित’ ने कहा “कारगिल के वीर शहीदों ने भारत की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। लेकिन आज देश की आंतरिक सीमाएं—संविधान, लोकतंत्र, और सामाजिक समरसता—खतरे में हैं। कांग्रेस पार्टी ऐसे हर मोर्चे पर संघर्ष करेगी जहाँ शहीदों की कुर्बानियों का अपमान हो। हमारा यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि एक संकल्प है—शहीदों के दिखाए रास्ते पर चलने का।”
एआईसीसी सदस्य मुतिउर रहमान बब्लू ने कहा “देशभक्ति केवल सैनिक वर्दी पहनकर सीमाओं पर लड़ने से नहीं होती, बल्कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना, भाईचारे को बढ़ाना और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना भी सच्ची देशभक्ति है। आज हमें यह याद रखना होगा कि शहीदों ने अपने प्राण देश के हर नागरिक की गरिमा और स्वतंत्रता के लिए न्यौछावर किए।”
शहर कांग्रेस अध्यक्ष बाकर अली खां ने कहा “रामपुर कांग्रेस शहीदों की स्मृति को हर साल इस आयोजन के माध्यम से जीवंत करती रही है। यह कार्यक्रम केवल रस्म नहीं, बल्कि युवाओं को जागरूक करने का माध्यम है कि देश को बनाने में किन-किन वीरों ने अपने प्राण गंवाए। आज की पीढ़ी को उनके त्याग से परिचित कराना हमारा दायित्व है।”
कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला महासचिव एवं मीडिया कॉर्डिनेटर उमेश दुबे ने कहा “कारगिल शहीदों की शहादत हमें यह सिखाती है कि भारत की असली ताकत इसकी विविधता और एकता में है। जब-जब देश में तानाशाही प्रवृत्तियां हावी होती हैं, तब-तब हमें शहीदों के आदर्शों की ओर लौटना होता है। यह श्रद्धांजलि सभा सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि जनचेतना का उद्गम है।”
इस अवसर पर उपस्थित जिला उपाध्यक्ष साहिर रजा खां, प्रवक्ता ताहिर अंजुम, शहर उपाध्यक्ष तारिक खां, अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व महासचिव मुईन पठान, आमिर कुरैशी, जमील मियां, कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष चितरंजन प्रसाद श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार, आसिफ अली खां, वासिक अली, जिला कार्यालय प्रभारी शकील मंसूरी, यूथ कांग्रेस प्रदेश महासचिव अरसलान अली खां, कपिल चौधरी, शावेज़ खां, शहजाद खां एडवोकेट, सरताज सैफी, अरसलान अंजुम, शहर विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष यासिर शाह खां, शारिब अली खां शहर सचिव नवनेंद्र सक्सेना, नोमान खां, फरीद खां, वारिस मियां, आशुतोष कुमार, शावेज़, अब्बुल हसन एडवोकेट, जमील मियां, निजाम पाशा, मोहम्मद हशम, सऊद खां, शाहबाज खां, शमशाद, प्रदीप रस्तोगी, प्रेम रस्तोगी, रोहन तुरैहा, शमशाद एवं कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों, सेवादल, अल्पसंख्यक विभाग, SC/ST विभाग के साथ-साथ कांग्रेसजन और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर, मोमबत्तियाँ जलाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
“शहीदों की चिता पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।”
