गाजियाबाद। ट्रैफिक नियम तोड़कर अब तक बच निकलने वाले वाहन चालकों के लिए गाजियाबाद में सख्ती बढ़ने जा रही है। अब शहर में “तीसरी आंख” यानी हाई क्वालिटी सीसीटीवी कैमरों की पैनी नजर हर समय उन पर बनी रहेगी। प्रमुख चौराहों से लेकर मुख्य मार्गों और शहर के एंट्री–एग्जिट पॉइंट तक लगे कैमरों के जरिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का ऑनलाइन चालान कटेगा और सीधे उनके पते पर भेजा जाएगा।
गाजियाबाद नगर निगम के मुख्य कार्यालय परिसर में आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) का इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर बनकर तैयार हो गया है। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश अमृत अभिजात ने नगर निगम पहुंचकर इस कमांड सेंटर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से इसके संचालन की विस्तृत जानकारी ली।
इस अत्याधुनिक कमांड सेंटर के माध्यम से नगर निगम क्षेत्र में आने वाले करीब 41 प्रमुख चौराहों के साथ-साथ शहर के एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर लगाए गए लगभग 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाएगी। इन कैमरों का एक्सेस ट्रैफिक पुलिस के पास रहेगा, जिससे यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने में मदद मिलेगी।
आईटीएमएस के जरिए न केवल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर नजर रखी जाएगी, बल्कि क्राइम कंट्रोल और अपराधों के अनावरण में भी यह सिस्टम अहम भूमिका निभाएगा। इसके अलावा नगर निगम अपने क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर भी निगरानी रख सकेगा। नगर निगम के हजारों वाहनों की आवाजाही भी अब कैमरों की निगाह में रहेगी।
बताया गया कि गाजियाबाद में शुरू हो रहे इस आईटीएमएस सिस्टम का लगभग एक महीने तक ट्रायल किया जाएगा। ट्रायल सफल रहने के बाद यह प्रणाली पूरी तरह से सुचारू रूप से कार्य करने लगेगी। इस परियोजना के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समय मांगा जा रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि आईटीएमएस सिस्टम के लागू होने के बाद गाजियाबाद की यातायात व्यवस्था में बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा, साथ ही सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत होगी।
