Tourist Vehicle Permit Rule: अब टूरिस्ट वाहन 45 दिन से ज्यादा अपने राज्य से बाहर नहीं चल सकेंगे, जानें नए नियम
नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ऑल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल्स (परमिट) रूल्स, 2023 में बड़े बदलाव का प्रस्ताव पेश किया है। नए मसौदे के अनुसार, अब कोई भी टूरिस्ट वाहन अपने पंजीकृत राज्य से बाहर अधिकतम 45 दिन ही रह सकेगा। इसके बाद उसे अनिवार्य रूप से अपने राज्य में लौटना होगा।
उदाहरण के लिए, अगर दिल्ली में रजिस्टर्ड कोई बस या कार है, तो वह यूपी या बिहार में लगातार 45 दिन से ज्यादा नहीं चल पाएगी। इस नियम का उद्देश्य परमिट के दुरुपयोग को रोकना, टोल शुल्क की निगरानी सुधारना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
वाहन ट्रैकिंग सिस्टम से निगरानी
मंत्रालय के मुताबिक, इस बदलाव की निगरानी आधुनिक वाहन ट्रैकिंग सिस्टम (GPS) से की जाएगी। इसके लिए एक नया मसौदा तैयार किया गया है, जिसे “ऑल इंडिया टूरिस्ट व्हीकल्स (परमिट) अमेंडमेंट रूल्स, 2025” नाम दिया गया है।
प्रस्तावित बदलावों की मुख्य बातें
45 दिन की सीमा – टूरिस्ट वाहन किसी भी राज्य में अधिकतम 45 दिन तक ही रह सकेंगे।
परमिट की वैधता बढ़ेगी – मौजूदा 12 साल की वैधता को बढ़ाकर 15 साल करने का प्रस्ताव।
स्टेज कैरिज पर रोक – यात्रा के दौरान बीच रास्ते यात्री न चढ़ाएंगे, न उतारेंगे। केवल सूचीबद्ध यात्री ही सफर कर सकेंगे।
टोल और FASTag का सख्त पालन – बिना FASTag या शुल्क चुकाए टोल से गुजरने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी।
अनिवार्य उपकरण और दस्तावेज – सभी टूरिस्ट वाहनों में GPS, इमरजेंसी बटन, वैध फिटनेस, बीमा और टैक्स जरूरी।
ऑनलाइन जानकारी अनिवार्य – यात्रा शुरू करने से पहले रूट, गंतव्य और वाहन विवरण पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
क्यों हो रहे हैं बदलाव?
मंत्रालय के अनुसार, कई राज्यों में पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स कम होने की वजह से वाहन मालिक वहां रजिस्ट्रेशन कराते हैं, लेकिन वाहन असल में अन्य राज्यों में चलते हैं।
उदाहरण के तौर पर, नागालैंड में 2025 में 1.36 लाख राष्ट्रीय टूरिस्ट परमिट जारी किए गए, जबकि यह संख्या केरल (14,573), कर्नाटक (95,549) और मध्य प्रदेश (50,501) जैसे बड़े राज्यों से कई गुना ज्यादा है। इससे राज्यों के बीच असमानता और कर चोरी जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं।
सुझाव देने की प्रक्रिया
यह मसौदा 30 दिनों तक सार्वजनिक सुझावों और आपत्तियों के लिए खुला रहेगा। इच्छुक लोग अपने सुझाव यहां भेज सकते हैं:
पता: अतिरिक्त सचिव (MVL), सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, ट्रांसपोर्ट भवन, संसद मार्ग, नई दिल्ली-110001।
ईमेल: comments-morth@gov.in
