ऐलनाबाद, 11 मार्च (एमपी भार्गव): राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के तहत राज्य में किसी भी सार्वजनिक या अनाधिकृत स्थान पर ठोस अपशिष्ट पदार्थ फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ईश्वर प्रकाश रावत ने बताया कि पहली बार गैर-बल्क अपशिष्ट को अनाधिकृत स्थान पर फेंकने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि दूसरी या उससे अधिक बार उल्लंघन करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।
उन्होंने बताया कि नगर निकायों, कंसेशनायर या बड़े अपशिष्ट उत्पादकों द्वारा पहली बार बल्क अपशिष्ट अनधिकृत स्थान पर डालने पर 25,000 रुपये तथा दोबारा उल्लंघन करने पर 50,000 रुपये तक का पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क लगाया जाएगा।
क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को ऐसे मामलों में जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है। यदि तय समय में जुर्माने की राशि जमा नहीं करवाई जाती है, तो इसे भू-राजस्व की बकाया राशि के रूप में वसूला जाएगा।
उन्होंने आमजन से अपील की कि कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें और घरों में ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि अनाधिकृत स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराना चाहता है, तो वह अपने नजदीकी नगरपालिका कार्यालय या हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, सिरसा से संपर्क कर सकता है।
