नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों पर खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हो चुकी है। इसी बीच अब आशंका जताई जा रही है कि रणनीतिक रूप से बेहद अहम बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य भी बंद किया जा सकता है।
हूती विद्रोहियों की चेतावनी
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि वे दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाब अल-मंडेब को निशाना बना सकते हैं। यदि लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमले शुरू होते हैं तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और भी प्रभावित हो सकती है।
ईरान की समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के मुताबिक हूती विद्रोही अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ युद्ध में शामिल हो सकते हैं। हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने भी संकेत दिए हैं कि उनका संगठन ईरान के समर्थन में सैन्य कार्रवाई कर सकता है और बाब अल-मंडेब मार्ग को बंद करने की कोशिश कर सकता है।
कहां स्थित है बाब अल-मंडेब जलमार्ग
बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य यमन और जिबूती के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है, जिसकी चौड़ाई करीब 26 से 29 किलोमीटर है। यह जलमार्ग लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और स्वेज नहर के जरिए यूरोप और एशिया के बीच होने वाले समुद्री व्यापार का अहम रास्ता है।
यह मार्ग भूमध्य सागर और हिंद महासागर के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है और वैश्विक समुद्री तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यमन में प्रभाव रखने वाले हूती विद्रोही पहले भी इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना चुके हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी तनाव
इस बीच ईरान ने दावा किया है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी खुला है और उस पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर अलीरेज़ा तंगसीरी ने कहा कि अमेरिकी दावे गलत हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य को सैन्य रूप से बंद नहीं किया गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है, हालांकि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के जहाजों के लिए यह स्थिति अलग हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि बाब अल-मंडेब या होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात बाधित होता है तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।
