गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
इन दिनों तोते की तरह रट रहे है दिल्ली हाई कोर्ट के एक्स जज वर्मा, मै गंगा जल की तरह पाक साफ़- मेरे विरोधियों ने मेरे घर नोटो के बंडल रखे, मेरा इस्तीफ़ा मंजूर करो ताकि मैं महाभियोग से बच.. पेंशन और रिटायरमेंट लाभ लूं
सुर्खियों में हैं दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा, जिनके आवास से कथित रूप से नोटों के बंडल मिलने का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण पर अपनी सफाई देते हुए उन्होंने खुद को “गंगाजल की तरह पवित्र” बताया और आरोप लगाया कि उनके विरोधियों ने साजिश के तहत उनके घर में नकदी रखवाई।
विवाद के बीच उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की, जिसे उन्होंने “नैतिक आधार पर लिया गया निर्णय” बताया। साथ ही, उनके इस कदम के बाद अब महाभियोग जैसी संवैधानिक प्रक्रिया से बचने की संभावना भी जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यदि इस्तीफा स्वीकार हो जाता है, तो उन्हें पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़े सभी वैधानिक लाभ मिल सकते हैं, और भविष्य में वे वकालत भी कर सकते हैं।
इधर, इस पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ तब लिया जब द्रौपदी मुर्मू से अपील की गई कि वे उनका इस्तीफा मंजूर न करें, ताकि मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच सुनिश्चित हो सके।
फिलहाल, इस मामले ने न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है, और सभी की निगाहें अब आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
