राजस्थान में इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड के गठन पर खुशी की लहर, मिठाई बांटकर मनाया जश्न
टपूकड़ा में चिकित्सकों ने एक-दूसरे को दी बधाई, मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्रियों का जताया आभार
टपूकड़ा (राजस्थान): राजस्थान में इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के गठन की घोषणा के बाद पूरे प्रदेश में इस पद्धति से जुड़े चिकित्सकों के बीच हर्ष और उत्साह का माहौल देखने को मिला। टपूकड़ा क्षेत्र में भी इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा से जुड़े चिकित्सकों ने इस उपलब्धि पर एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की और सरकार का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को किया धन्यवाद
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री सुश्री दिया कुमारी और उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बेरवा के प्रति आभार प्रकट किया गया। इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सकों ने कहा कि यह कदम वर्षों से लंबित मांग को पूरा करने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
पूर्व विधायक मामन सिंह यादव का सहयोग
इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक मामन सिंह यादव भी मौजूद रहे, जिन्होंने चिकित्सकों के साथ मिलकर मिठाई बांटी और उन्हें बधाई दी। इस कार्यक्रम का आयोजन उन्हीं के निवास स्थान पर किया गया।
एस.एस. पाटोदिया बने बोर्ड सदस्य
गौरतलब है कि डॉ. एस.एस. पाटोदिया को इलेक्ट्रोपैथी बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर कहा, “2018 में इलेक्टोपैथी चिकित्सा पद्धति का एक्ट बना था और आज उसका परिणाम सबके सामने है।” उन्होंने इस एक्ट को अस्तित्व में लाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ और पूर्व चिकित्सा मंत्री कालीचंद सर्राफ के योगदान को याद करते हुए आभार व्यक्त किया।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बेरवा ने दी बधाई
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बेरवा ने भी इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति के बोर्ड गठन पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा, “यह एक पुरानी और हर्बल आधारित चिकित्सा पद्धति है, जिससे कई असाध्य रोगों का इलाज संभव है। हमारे राज्य में भी कई इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सक उत्कृष्ट सेवा दे रहे हैं। मैं इस पद्धति को और आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग दूंगा।”
डॉ. हेमंत सेठिया के योगदान को सराहा गया
इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा परिषद जयपुर के अध्यक्ष डॉ. हेमंत सेठिया के योगदान की भी सराहना की गई। चिकित्सकों ने कहा कि बोर्ड गठन में उनकी सक्रिय भूमिका अहम रही है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उल्लेखनीय उपस्थिति
इस खुशी के मौके पर बड़ी संख्या में इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सक मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- डॉ. गुरुदेव मांडी
- डॉ. राहुल भारद्वाज
- डॉ. कमल
- डॉ. सुंदरी
- डॉ. राजेश कुमार शर्मा
- डॉ. शाकिर
- डॉ. रमेश चंद्र
- डॉ. नवीन कुमार
- डॉ. इनाम अली
- डॉ. मुनिपाल सिकरीवाल
- डॉ. तारीफ
- डॉ. लक्ष्मण शर्मा
- डॉ. दीपक कुमार
इलेक्ट्रोपैथी पद्धति को मिलेगा नया आयाम
सभी चिकित्सकों ने उम्मीद जताई कि बोर्ड के गठन से इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति को संस्थागत पहचान मिलेगी और इससे जुड़े चिकित्सकों को सम्मान, स्थायित्व और अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही, प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में यह पद्धति एक वैकल्पिक और प्रभावी चिकित्सा प्रणाली के रूप में और मजबूत होकर उभरेगी।
कार्यक्रम का समापन आपसी बधाइयों, मिठाई वितरण और अभिनंदन के साथ किया गया, जिसमें हर एक चिकित्सक के चेहरे पर प्रसन्नता स्पष्ट दिखाई दी।
