ऐलनाबाद, 19 अप्रैल( एमपी भार्गव) हरियाणा के अंतिम छोर पर बसे गांव कर्मशाना मे पैयजल की भारी किललत का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। बातचीत के दौरान ग्रामीण चेतराम झौरड,अमिलाल,भिकमचंद सैनी, राजेंद्र मुंदलिया,सत्यनारायण सहू, अनिल जाखड़, राजवीर सिद्धू,अनिल भांभू इत्यादि नागरिकों ने नहरी विभाग व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके गांव में पेयजल के साथ-साथ सिंचाई पानी की समस्या आज से नहीं बल्कि पिछले कई वर्षों से आ रही है ग्रामीणों ने कहा कि भाखडा नहर बंदी से पहले जब उनके जल घर में पेयजल पानी भरा गया उसमें खारा पानी भरा गया जो कि पीने योग्य नहीं था। उस पानी को गांव में पाइप लाईन के माध्यम से घर-घर सप्लाई दी गई तो वह पानी पीने से आज गांव के प्रत्येक घर में कोई ना कोई रूप से व्यक्ति बीमार है।
ग्रामीणों ने कहा कि जहां मनुष्य को प्राथमिक सुविधा के अनुकूल बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं देना हरियाणा राज्य की वर्तमान सरकार व प्रशासन का काम होता है लेकिन उन्हें इस बात का बहुत ही दुख है कि वह हरियाणा के ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतिम क्षेत्र राजस्थान की बॉर्डर पर रहते हैं जहां पर उन्हें न तो पेयजल मिल पा रहा है और ना ही सिंचाई पानी दिया जा रहा है जिससे वह राजस्थान के पड़ोसी गांव ढढेला व टोपरिया से पेयजल प्रति एक टैंकर ₹1500 देकर मंगवाते थे लेकिन अभी राजस्थान में भी नहरबंदी के चलते नहरों में पानी नहीं है वहीं सिंचाई पानी न आने से उनके खेत बिरानी होते जा रहे हैं ग्रामीणों ने कहा कि हरियाणा मे कई वर्षों पूर्व की सरकार में सिरसा के नजदीक ऑटू हेड का निर्माण किया गया हो या उनके गांव तक पानी पहुंचाने के लिए शैरावाली फलड्डी चैनल नहर निकाली गई हो लेकिन उनके गांव तक इस नहर में सिंचाई योग्य पानी न आने से जहां उनकी खेती बिरानी हो रही है वहीं उनके परिवारों का गुजारा होना भी मुश्किल हो गया है। इस मौके पर अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
