तीन दिवसीय पीएम विश्वकर्मा मेला , शिल्पकारों के हुनर को मिलेगी पहचान
- हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री के लिए पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेंगे निशुल्क स्टॉल
ऐलनाबाद , सिरसा (एम पी भार्गव): भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कार्यालय, करनाल द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए भव्य प्रदर्शनी एवं मेले का आयोजन होगा। बाल भवन में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय मेले की शुरूआत 23 जनवरी से होगी और यह मेला 25 जनवरी तक चलेगा। अब तक मेले में 50 से भी अधिक कारीगरों और शिल्पकारों को स्टॉल अलॉट किए जा चुके हैं।
इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहाँ उन्हें पहचान मिल सके और उनके द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री बढ़ सके। मेले में कुम्हार, दर्जी, मोची, पेंटर, सुनार, मालाकार के साथ-साथ गुडिय़ा, चटाई, टोकरी और खिलौने बनाने वाले शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शनी में भाग लेने वाले लाभार्थियों को निशुल्क स्टॉल उपलब्ध करवाए जाएंगे। यहाँ वे अपने हस्तनिर्मित उत्पादों जैसे मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, जूती, मालाएँ और लकड़ी के सामान को प्रदर्शित व विक्रय कर सकेंगे। स्टॉल का वितरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
यही नहीं, प्रदर्शनी के दौरान कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोडऩे के लिए मीशो, सुलेखा व अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सामान बेचने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। शहरवासी और आगंतुक इस मेले में पहुँच कर सीधे कारीगरों से उत्कृष्ट हस्तनिर्मित सामान सस्ते और उचित दामों पर खरीद सकेंगे। इससे जहाँ जनता को पारंपरिक उत्पाद मिलेंगे, वहीं कारीगरों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
