नियोजित शिक्षक,विशिष्ट शिक्षक व विद्यालय अध्यापक को सहायक शिक्षक का दर्जा दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा : सत्य प्रकाश
पूर्ण वेतनमान,प्रोन्नति व पुरानी पेंशन को लेकर बजट सत्र में विधानसभा घेरावशिक्षकों ने एकजुट रहने एवं हक प्राप्ति हेतु संघर्ष करने का बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने लिया संकल्प
लखीसराय(सरफराज आलम)बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला ईकाई लखीसराय द्वारा ऋतु राज होटल लखीसराय में जिला अध्यक्ष जय कुमार निराला के अध्यक्षता में संघ की 20 वीं वर्षगांठ के अवसर पर संकल्प सभा आयोजित कर संघर्ष दिवस मनाया गया।
कार्यक्रम का विधिवत् दीप प्रज्वलित कर संघ के जिला अध्यक्ष जय कुमार निराला,महासचिव सत्य प्रकाश,जिला प्रवक्ता मिथलेश श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से शुभारंभ किया। साथ ही उनके द्वारा आन्दोलन के संघर्षशील शिक्षक प्रतिनिधि एवं विद्यालय में बेहतरीन शैक्षणिक कार्य करने वाले शिक्षकों को पुष्प का माला पहनाकर कर सम्मानित किया गया।
जिला अध्यक्ष जय कुमार निराला ने कहा कि अनुबंध एवं मानदेय के विरुद्ध 24 दिसम्बर 2005 को पटना में सेवा स्थायी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले लाखों शिक्षामित्र शिक्षकों पर तत्कालीन सरकार के द्वारा बर्बरतापूर्ण पुलिसिया लाठीचार्ज की गई थी। वाटर कैनन एवं अश्रु गैस से प्रहार किया गया। जिसमें संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू सहित हजारों शिक्षक घायल हुए थे। संघ के इस जुझारू आन्दोलन के उपरांत ही शिक्षामित्र शिक्षकों की सेवा 60 वर्षों के लिए स्थायी की गई तथा वेतन में बढ़ोतरी हुई। तब से संघ द्वारा प्रत्येक वर्ष 24 दिसंबर 2005 के शिक्षक आंदोलन के वर्षगांठ को संघर्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। साथ ही संघ के सतत् संघर्ष के बदौलत शिक्षकों के सेवा सुविधा में लगातार सुधार होते रहा है।
जिला महासचिव सत्य प्रकाश ने कहा कि राष्ट्र के मुख्यधारा शिक्षा के बेहतरीन तथा राज्य के शैक्षिक विकास में शिक्षकों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण है। विद्यालय में सभी शिक्षक राज्य के नौनिहालों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा शत प्रतिशत दे रहे हैं। शिक्षकों की दशा एवं दिशा विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने नये राज्यकर्मी बना कर लाखों नियोजित शिक्षकों के साथ धोखाधड़ी की है। सरकार के गलत नीतियों के विरूद्ध बार बार सक्षमता परीक्षा लेने के बाबजूद हजारों नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा नहीं देकर विरोध जता रहे हैं। क्योंकि विशिष्ट शिक्षक को सहायक शिक्षक की भाॅंति वेतनमान एवं प्रोन्नति नहीं दी गई। वही स्थिति बीपीएससी से नियुक्त विद्यालय अध्यापक एवं प्रधान शिक्षक व प्रधानाध्यापक का है। जो घोर अन्याय है।
उन्होंने कहा कि एक ही विद्यालय में तरह तरह के नाम एवं अलग अलग सेवा सुविधा के नियमित, नियोजित, विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट शिक्षक एवं शारीरिक शिक्षा अनुदेशक बनाकर शिक्षा व्यवस्था के साथ क्रुर मजाक कर रखा है।
सत्य प्रकाश ने कहा कि नियोजित शिक्षक,विद्यालय अध्यापक एवं विशिष्ट शिक्षक का नाम एकीकृत कर सहायक शिक्षक करने साथ ही उसके भांति राज्यकर्मी वाले 9300-34800 का वेतनमान,सभी प्रोन्नति, ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पुरानी पेंशन लागू करने साथ ही नये प्रधान शिक्षक व प्रधानाध्यापक उचित कैडर और वेतनमान,अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा बहाल करने,शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक को शिक्षकों के समान वेतन व सेवा सुविधा देने समेत सभी सुविधा पाने तक संघ का संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं का अविलम्ब समाधान करें। वरना माँगों को लेकर आगामी बजट सत्र के दौरान बिहार विधानसभा का घेराव किया जायेगा।कार्यक्रम में सैकड़ो शिक्षक गण मौजूद थे।
