दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर कथित रूप से इज़राइल द्वारा किए गए हमले के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। इस हमले में गैस फील्ड के कई हिस्सों में आग लग गई और उत्पादन के कुछ चरणों को बंद करना पड़ा, जिससे ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
साउथ पार्स गैस फील्ड ईरान की ऊर्जा व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और यह देश की करीब 70 प्रतिशत घरेलू गैस जरूरतों को पूरा करता है। ऐसे में इस पर हमला होने से न केवल ईरान बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी अस्थिरता बढ़ गई है।
हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल और गैस की कीमतों में तेजी देखने को मिली है, जबकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि हालात और बिगड़े तो एलएनजी सप्लाई पर भी व्यापक असर पड़ सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका ने साफ किया है कि इस हमले में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह इसमें शामिल नहीं है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा ढांचे पर हमलों की इस नई कड़ी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ता है, तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
