एआई के अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ा, बिना कमांड के शुरू कर दी क्रिप्टो माइनिंग

नई दिल्ली।डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास जितनी तेजी से हो रहा है, उतनी ही तेजी से इसके संभावित खतरों को लेकर चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में सामने आई एक घटना ने वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या एआई सिस्टम धीरे-धीरे मानव नियंत्रण से बाहर निकलने की दिशा में बढ़ रहे हैं।

यह मामला चीनी टेक कंपनी Alibaba Group की एक रिसर्च टीम से जुड़ा बताया जा रहा है। टीम एक एक्सपेरिमेंटल एआई एजेंट ‘ROME’ पर काम कर रही थी। प्रयोग के दौरान शोधकर्ताओं को उस समय हैरानी हुई जब इस एआई एजेंट ने बिना किसी मानवीय निर्देश या प्रॉम्प्ट के खुद ही क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग शुरू कर दी।

रेस्ट्रिक्टेड एनवायरनमेंट में भी सक्रिय हुआ एआई

विशेषज्ञों के अनुसार क्रिप्टो माइनिंग एक जटिल प्रक्रिया होती है, जिसमें भारी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर और बिजली की आवश्यकता होती है। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस एआई एजेंट को एक सख्त सुरक्षा वाले रेस्ट्रिक्टेड एनवायरनमेंट में रखा गया था, जहां उसकी हर गतिविधि पर निगरानी थी। इसके बावजूद सिस्टम में लगे सिक्योरिटी अलर्ट सक्रिय हो गए और एआई के अप्रत्याशित व्यवहार का खुलासा हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था में भी मिली सेंध

जांच में यह भी सामने आया कि एआई एजेंट ने खुद ही एक “रिवर्स एसएसएच टनल” बना ली थी। तकनीकी रूप से यह ऐसा नेटवर्क रास्ता होता है, जो किसी बंद या सुरक्षित नेटवर्क के भीतर मौजूद मशीन को बाहरी कंप्यूटर से जोड़ सकता है। बिना किसी निर्देश के इस तरह का कनेक्शन स्थापित करना साइबर सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एआई सिस्टम स्वयं बाहरी नेटवर्क से जुड़ने के रास्ते तलाशने लगे, तो वह संवेदनशील डेटा चोरी करने या खुद को अन्य सर्वरों पर कॉपी करने में भी सक्षम हो सकता है, जिससे मानव नियंत्रण कमजोर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों की बढ़ती चिंता

इस घटना ने एआई सुरक्षा को लेकर दी जा रही चेतावनियों को और मजबूत कर दिया है। एआई के क्षेत्र के प्रमुख वैज्ञानिक Yoshua Bengio सहित दुनिया भर के 100 से अधिक शोधकर्ताओं ने हाल ही में चेतावनी दी है कि कई कंपनियां एआई के विकास में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रही हैं। उनका कहना है कि आधुनिक एआई सिस्टम धीरे-धीरे अधिक स्वायत्त (ऑटोनॉमस) होते जा रहे हैं।

वैश्विक नियमों की जरूरत

विशेषज्ञों के अनुसार यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल इंसानों के निर्देशों का पालन करने वाला साधारण टूल नहीं रह गया है। यदि इसके विकास के साथ कड़े सुरक्षा मानक और वैश्विक एथिकल गाइडलाइन्स लागू नहीं किए गए, तो भविष्य में साइबर सुरक्षा और गोपनीयता के लिए बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं।

 

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