ऐलनाबाद, 16 मार्च (एम.पी. भार्गव)। मत्स्य पालन और जलकृषि से जुड़े किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) के तहत जलकृषि बीमा योजना लागू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जलकृषि से जुड़े किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों और अन्य जोखिमों से होने वाले नुकसान से बचाना तथा उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इससे मछली पालन करने वाले किसानों को बीमा सुरक्षा देकर उनके व्यवसाय को अधिक सुरक्षित और लाभदायक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
योजना के तहत जलकृषि बीमा करवाने पर किसानों को एकमुश्त प्रोत्साहन के रूप में अधिकतम एक लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। बीमा प्रीमियम पर सरकार की ओर से लगभग 40 प्रतिशत तक की सहायता दी जाती है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला किसानों के लिए अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे और मध्यम स्तर के मत्स्य पालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस योजना में जलीय कृषि फार्म के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत जल फार्म के लिए बीमा प्रीमियम का लाभ किसानों को दिया जाता है, जिसमें प्रति हेक्टेयर बीमा कवर की सीमा 25 हजार रुपये तक निर्धारित की गई है। अधिकतम चार हेक्टेयर क्षेत्र तक किसानों को एक लाख रुपये तक का प्रोत्साहन मिल सकता है। यदि किसी किसान का फार्म एक हेक्टेयर से कम है, तो उसे प्रो-राटा आधार पर सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अलावा योजना में गहन जलीय कृषि फार्म को भी शामिल किया गया है। इसके तहत केज कल्चर, आरएएस, बायो-फ्लॉक और रेसवे जैसी आधुनिक तकनीकों से मत्स्य पालन करने वाले किसानों को भी बीमा का लाभ दिया जाता है। इन इकाइयों के लिए भी बीमा प्रीमियम पर 40 प्रतिशत तक सहायता उपलब्ध है और पात्र इकाइयों के लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक प्रोत्साहन दिया जाता है। योजना के तहत पात्र इकाई का अधिकतम आकार लगभग 1800 घन मीटर तक निर्धारित किया गया है।
बीमा कंपनियों द्वारा प्रदान किए जाने वाले इस कवर के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, दुर्घटनाओं और अन्य अनिश्चित घटनाओं से होने वाले नुकसान को शामिल किया गया है। इसके साथ ही बीमा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार अतिरिक्त जोखिमों को भी कवर किया जा सकता है, जिससे मत्स्य पालकों को व्यापक सुरक्षा मिलती है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि सरकार की यह पहल मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे जलकृषि से जुड़े किसानों को जोखिम कम करने में मदद मिलेगी और वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगे। योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए किसान राष्ट्रीय मत्स्यिकी विकास बोर्ड की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-425-1660 पर संपर्क कर सकते हैं या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
