- रिपोर्ट: नीरज मित्तल
फरीदाबाद के गुजर बाहुल्य गांव बड़ौली में प्रस्तावित मकान तोड़फोड़ के विरोध में रविवार को एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। यह पंचायत चौधरी बीरपाल गुर्जर बड़ौली के संयोजन में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता चौधरी रणबीर चंदीला ने की। पंचायत में हजारों की संख्या में लोग जुटे और प्रशासन के आदेशों के खिलाफ रोष जताया।
महापंचायत को संबोधित करते हुए डॉ. ऋषिपाल मास्टर ने कहा कि बड़ौली गांव करीब 900 साल पुराना है और यह देशभक्तों व कदीमी हिंदुस्तानियों का गांव रहा है। ऐसे ऐतिहासिक गांव में मकानों को तोड़ने का आदेश मुगलों और अंग्रेजों के दौर से भी ज्यादा खतरनाक और घटिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि समाज को उजाड़ने वाला कदम है।
डॉ. ऋषिपाल मास्टर ने सवाल उठाते हुए कहा कि आज हरियाणा में गुर्जर बिरादरी के कई विधायक, मंत्री और यहां तक कि केंद्रीय मंत्री भी हैं, इसके बावजूद अगर गुर्जर समाज के साथ इतना बड़ा अन्याय हो रहा है तो इसके पीछे कोई बड़ा लेन-देन या साजिश जरूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ बदले की भावना से की जा रही है, जिन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कुछ नेताओं के खिलाफ मतदान किया था।
उन्होंने कहा कि सरकार का काम जनता को बसाना, उन्हें सुविधाएं देना और उनके हितों की रक्षा करना होता है, न कि लोगों को उजाड़कर सड़क पर खड़ा कर देना। डॉ. ऋषिपाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी मकान की एक भी ईंट तोड़ी गई तो जनता चुप नहीं बैठेगी और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि गुर्जर बिरादरी ने सबसे ज्यादा वोट भाजपा को दिए हैं, इसके बावजूद अनंगपुर, मेवला महाराजपुर, अखीर, बड़खल, चंदीला, भतोला, प्रह्लादपुर और अब बड़ौली जैसे इलाकों में लगातार तोड़फोड़ की जा रही है। इतिहास इस बात का गवाह है कि राजा अनंगपाल तोमर के समय से ही दिल्ली के आसपास गुर्जर और जाट समाज के लोग बसे हुए हैं, फिर आज उनकी जमीनों और मकानों को अवैध कैसे बताया जा रहा है।
डॉ. ऋषिपाल मास्टर ने आरोप लगाया कि जमीन की कीमत बढ़ने के कारण कुछ बड़े नेताओं और बिल्डरों की नजर इन इलाकों पर है, जो मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों को उजाड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि समाज अपनी और अपनी संपत्ति की रक्षा करना जानता है और किसी भी कीमत पर लोगों को उजड़ने नहीं दिया जाएगा, चाहे इसके लिए कितनी भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर भविष्य में कोई हिंसक आंदोलन होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी, क्योंकि संविधान भी नागरिकों को अपने जान-माल की रक्षा का अधिकार देता है।
महापंचायत में मुख्य रूप से पूर्व सांसद चौधरी अवतार सिंह भड़ाना, गुर्जर कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान, ठाकुर पूरन सिंह, चौधरी अंतराम तंवर, चौधरी रिंकू चंदीला, लखन सिंह, ग्रीस भारद्वाज, रोहतास बेदी, कपिल गुर्जर, रचना शर्मा सहित सैकड़ों सामाजिक व राजनीतिक नेता मौजूद रहे।
