ऐलनाबाद, 27 जनवरी (एम. पी. भार्गव)।इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने एसवाईएल (सतलुज–यमुना लिंक) नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की बैठक पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बैठक जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए की जा रही है और इसका असली मकसद पंजाब चुनाव तक एसवाईएल नहर के निर्माण को टालना है।
मीडिया से बातचीत में अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यदि अधिकारियों के स्तर पर ही इस समस्या का समाधान संभव होता, तो दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बैठक करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी आपस में मिली हुई हैं। पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान कहते थे कि हरियाणा को एक बूंद भी पानी नहीं देंगे, जबकि अब वे कहते हैं कि किसी का हक नहीं मारा जाना चाहिए। यदि वे वास्तव में ऐसा मानते हैं, तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को तुरंत लागू करें। लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार वहां चुप्पी साध लेती है।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एसवाईएल नहर को लेकर पहले भी कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन यदि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश न होते तो दोनों राज्य इस मुद्दे पर कभी बैठक भी नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि एसवाईएल नहर के निर्माण में जितनी जिम्मेदार पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार है, उतनी ही जिम्मेदार हरियाणा की भाजपा सरकार भी है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पर निशाना साधते हुए उन्होंने उन्हें “डमी मुख्यमंत्री” बताया और कहा कि वे स्वयं कोई निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं तथा ऊपर से आने वाले निर्देशों को ही लागू करते हैं। चौटाला ने दावा किया कि जब तक कांग्रेस और भाजपा सत्ता में रहेंगी, एसवाईएल नहर का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इंडियन नेशनल लोकदल ही एकमात्र पार्टी है जो एसवाईएल का समाधान कर हरियाणा को उसका हक का पानी दिला सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हरियाणा के पक्ष को कमजोर कर रही है और कांग्रेस की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। जब भी एसवाईएल का मुद्दा उठता है, कांग्रेस चुप हो जाती है। न तो वे कभी राज्यपाल के पास गए और न ही सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया। विधानसभा में मुद्दा उठाकर वॉकआउट कर देना समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि इनेलो ने अतीत में भी नहर निर्माण की लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ती रहेगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी की प्री-बजट बैठकों को अभय सिंह चौटाला ने समय की बर्बादी बताया। उन्होंने कहा कि प्री-बजट बैठक की परंपरा पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुरू की थी और वर्तमान मुख्यमंत्री भी उसी राह पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री के पास करने के लिए बहुत से अहम काम हैं, लेकिन वे जिलों में जाकर बजट बैठकों के नाम पर बहुमूल्य समय बर्बाद कर रहे हैं।
चंडीगढ़ के मुद्दे पर बोलते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर यह कहा है कि चंडीगढ़ पर उसका कोई हक नहीं है, जो पूरी तरह गलत है। शाह आयोग की सिफारिशों के आधार पर चंडीगढ़ हरियाणा का हिस्सा है और चंडीगढ़ में हरियाणा की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने इससे छेड़छाड़ की तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। केंद्र सरकार यदि चंडीगढ़ को अलग से केंद्र शासित प्रदेश बनाना चाहती है, तो उसे कोई और जगह तलाशनी चाहिए, क्योंकि हरियाणा चंडीगढ़ को केंद्र शासित प्रदेश नहीं बनने देगा।
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