गुस्ताखी माफ हरियाणा – पवन कुमार बंसल
वसुंधरा राजे के सौजन्य से | “सिर साँठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण”
खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं है, यह हमारे लिए देववृक्ष है, जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। हमारे यहाँ खेजड़ी की पूजा की जाती है। मैं स्वयं भी खेजड़ी की पूजा करती हूँ। जिसकी हम पूजा करें, उस देवता का संरक्षण हमारा दायित्व है।
राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इसे बचाना चाहिए। मैं खेजड़ी और ओरण (गौचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूँ।
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