हरियाणा के 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों की नौकरी पर संकट
जॉब सिक्योरिटी का वादा, लेकिन पोर्टल बना परेशानी — सरकार की चुप्पी संदिग्ध, कर्मचारी गहरी चिंता में
हरियाणा, 23 जनवरी (एम. पी. भार्गव)। हरियाणा में करीब 1 लाख 20 हजार कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सरकार द्वारा नौकरी की सुरक्षा (Job Security) देने का जो वादा किया गया था, वह अब तकनीकी अव्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि हजारों कर्मचारी मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत कर्मचारियों को स्थायित्व देने के उद्देश्य से 25 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा
securedemployee.csharyana.gov.in
नामक पोर्टल लॉन्च किया गया था। इस पोर्टल का उद्देश्य 5 वर्ष या उससे अधिक सेवा दे चुके कच्चे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति तक नौकरी की सुरक्षा प्रदान करना था।
लेकिन जनवरी 2026 में स्थिति यह है कि हजारों कर्मचारी ओटीपी (OTP) न आने की समस्या के कारण पोर्टल पर पंजीकरण तक नहीं कर पा रहे हैं।
वादा बड़ा, अमल कमजोर
सरकार ने चुनाव से पहले घोषणा की थी कि HKRN आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-1 और पार्ट-2 के तहत लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को सुपरन्यूमरेरी पोस्ट बनाकर पक्की नौकरी की सुरक्षा दी जाएगी।
▪ 15 अगस्त 2024 को अध्यादेश लाया गया
▪ बाद में विधेयक पास हुआ
▪ नियम भी अधिसूचित कर दिए गए
लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पोर्टल का न तो समुचित ट्रायल हुआ और न ही तकनीकी खामियों को समय रहते दूर किया गया। इसका खामियाजा अब कर्मचारी भुगत रहे हैं।
सबसे बड़ी समस्या: OTP नहीं आ रहा
कर्मचारियों का कहना है कि मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद ओटीपी ही प्राप्त नहीं हो रहा, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
कल्पना चावला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष रवि शर्मा ने बताया,
“हम वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं, कोई सर्विस गैप नहीं है, लेकिन ओटीपी न आने के कारण हम योजना से बाहर हो सकते हैं। हेल्पडेस्क पर फोन तक नहीं उठता।”
पंचकूला स्थित HKRN कार्यालय के बाहर सुबह से ही कर्मचारी लंबी कतारों में चक्कर काटने को मजबूर हैं।
डेडलाइन नजदीक, चिंता चरम पर
सरकार द्वारा तय की गई समय-सीमा भी कर्मचारियों की परेशानी बढ़ा रही है—
▪ 31 जनवरी 2026 तक पंजीकरण, जॉइनिंग लेटर व वेतन पर्ची अपलोड
▪ 28 फरवरी 2026 तक DDO द्वारा सत्यापन
▪ 31 मार्च 2026 तक सुपरन्यूमरेरी पोस्ट का निर्माण
▪ 30 अप्रैल 2026 तक अंतिम नियुक्ति पत्र
अब समय बहुत कम बचा है, जबकि हजारों कर्मचारी अब भी पहले चरण में ही अटके हुए हैं।
22 जिलों में विरोध, गूंजे “कच्चे पक्के करो” के नारे
स्थिति से नाराज कर्मचारियों ने हरियाणा के 22 जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। “कच्चे पक्के करो” के नारों के साथ कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं। कई प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि HKRN पोर्टल दोबारा खोला गया है, लेकिन जमीनी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।
कर्मचारियों के लिए सुझाव
▪ पोर्टल को नियमित रूप से चेक करते रहें
▪ वैकल्पिक मोबाइल नंबर से ओटीपी ट्राई करें
▪ HRD / HKCL कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें
▪ लिखित शिकायत अवश्य दर्ज कराएं
▪ अफवाहों से बचें, लेकिन अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहें
कर्मचारियों का कहना है कि यह केवल एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो सरकार को इसका बड़ा सामाजिक और राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
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