देश सरकार श्रमिक कामगारों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दे रही है सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा

बदायूँ, दिसंबर। प्रदेश सरकार श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कल्याणकारी प्रयास कर रही है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों में संलग्न श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण (नियोजन तथा सेवाशर्त विनियमन) नियमावली लागू की गई है तथा उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है।

सरकार द्वारा तय प्रावधानों के अनुसार 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के वे श्रमिक, जो निर्माण कार्यों में एक वर्ष में 90 दिन से अधिक काम करते हैं, पंजीकरण के पात्र हैं। शासन द्वारा 40 से अधिक निर्माण कार्यों को अधिनियम के अंतर्गत शामिल किया गया है, जिनमें बेल्डिंग, बढ़ईगिरी, राजमिस्त्री, प्लम्बरिंग, सड़क निर्माण, मिक्सर संचालन, पुताई, इलेक्ट्रिक वर्क, सुरंग निर्माण, टाइल्स फिटिंग, खनन, पत्थर तोड़ने, मार्बल वर्क, सुरक्षा चौकीदारी, ईंट ढुलाई, स्वचालित सीढ़ी (लिफ्ट) स्थापना जैसे कार्य शामिल हैं।

इसी प्रकार खनन कार्य, ईंट–भट्ठों पर ईंट निर्माण, पार्क–फुटपाथ निर्माण, मॉड्यूलर किचन स्थापना, भवनों की इंटीरियर सज्जा, पुल निर्माण, मशीनरी स्थापना व मरम्मत, अग्निशमन सिस्टम स्थापना, स्विमिंग पूल–गोल्फ कोर्स निर्माण तथा इससे संबंधित अन्य प्रक्रियाएँ भी अधिनियम की श्रेणी में आती हैं।

पंजीकरण प्रक्रिया
श्रमिकों को पंजीकरण हेतु निर्धारित प्रारूप पर हस्ताक्षरित आवेदन पत्र, ₹20 आवेदन शुल्क, ₹20 प्रथम वर्ष अंशदान, 2 पासपोर्ट फोटो, नियोजन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति जमा करनी होती है। श्रमिक एक साथ 3 वर्ष का अंशदान भी जमा कर सकते हैं।

प्रदेश में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है और उन्हें नियमित रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं वे सभी निर्माण स्थल/अधिष्ठान, जहाँ किसी भी दिन 10 या अधिक श्रमिक नियोजित होते हैं, उनका पंजीकरण भी अनिवार्य है। 10 लाख रुपये से अधिक लागत वाले भवनों पर अधिनियम लागू होता है। साथ ही निर्माण कार्य की लागत का 1% उपकर के रूप में लिया जाता है, जिसे श्रमिक कल्याण योजनाओं पर व्यय किया जाता है।

श्रमिकों के लिए संचालित प्रमुख योजनाएँ
प्रदेश सरकार श्रमिकों एवं उनके परिवारों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जैसे—

मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना

निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना

कन्या विवाह सहायता

कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना

गंभीर बीमारी सहायता

महात्मा गांधी पेंशन योजना

आवासीय विद्यालय योजना

संत रविदास शिक्षा सहायता योजना

पं. दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना

अटल आवासीय विद्यालय योजना

आपदा राहत सहायता योजना

इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश सरकार लाखों निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान कर रही है, जिससे उनकी आजीविका, सुरक्षा एवं भविष्य दोनों को सुदृढ़ बनाया जा रहा है।

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