देशभर में भाई दूज का त्यौहार श्रद्धा और प्रेम के साथ मनाया गया, बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर की लंबी उम्र की कामना
यमराज और यमुना की कथा से जुड़ा है यह पावन पर्व, अमृतसर में भी भाई-बहन के प्रेम के रंग छाए
अमृतसर। आज पूरे देश में भाई दूज का पावन पर्व श्रद्धा, उत्साह और प्रेम के साथ मनाया गया। यह त्योहार बहन और भाई के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। अमृतसर सहित पूरे पंजाब में बहनों ने अपने भाइयों के घर जाकर उनके माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। घरों में मिठाइयाँ बाँटी गईं और पूरे वातावरण में त्यौहार की खुशियाँ और रौनक देखने को मिली।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भाई दूज का पर्व यमराज और उनकी बहन यमुना की कथा से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर पहुंचे थे, जहाँ यमुना ने अपने भाई का स्वागत किया, उसके माथे पर तिलक लगाया और उसके दीर्घायु होने की प्रार्थना की। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने अपनी बहन को आशीर्वाद दिया कि जो भी बहन इस दिन अपने भाई को तिलक लगाएगी, उसका भाई सदैव सुखी और दीर्घायु रहेगा। तभी से यह परंपरा चली आ रही है और यह पर्व भाई-बहन के स्नेह और कल्याण का प्रतीक बन गया।
दीवाली के एक दिन बाद मनाया जाने वाला यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते की गहराई और आपसी प्रेम को प्रकट करता है। अमृतसर में कई स्थानों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहाँ बहनों ने अपने भाइयों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई और उपहार दिए।
बहनों ने बताया कि वे पूरे वर्ष इस दिन का इंतजार करती हैं क्योंकि यह अवसर उन्हें अपने भाइयों के प्रति प्यार, आशीर्वाद और आत्मीयता व्यक्त करने का अवसर देता है। वहीं भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति सम्मान और स्नेह प्रकट किया।
भाई दूज का यह त्यौहार न केवल पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करता है, बल्कि समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है।
