दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे जल्द होगा पूरी तरह चालू, ढाई घंटे में तय होगी दूरी

नई दिल्ली।दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से प्रतीक्षित दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है और इसके जनवरी–फरवरी 2026 में पूरी तरह उद्घाटन होने की प्रबल संभावना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई मिलेगी।

वर्तमान में दिल्ली से देहरादून की दूरी करीब 235 से 250 किलोमीटर है, जिसे तय करने में 5 से 6 घंटे लगते हैं। लेकिन 210 किलोमीटर लंबे इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह सफर महज ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन, व्यापार और आर्थिक विकास को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

6–12 लेन का आधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा भारतमाला परियोजना के तहत बनाए जा रहे इस एक्सप्रेसवे की लागत लगभग 11,869 से 13,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह 6 से 12 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे है, जिस पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। यह परियोजना चार चरणों में विकसित की जा रही है।

पहला चरण: दिल्ली के अक्षरधाम से बागपत (खेकरा) तक करीब 32 किमी, जहां दिसंबर 2025 से ट्रायल रन शुरू हो चुका है।

दूसरा चरण: बागपत से सहारनपुर तक।

तीसरा चरण: सहारनपुर बाईपास का चौड़ीकरण।

चौथा चरण: सहारनपुर से देहरादून तक, जहां सुरक्षा और फिनिशिंग का कार्य अंतिम दौर में है।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान

इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन है। राजाजी नेशनल पार्क के क्षेत्र में 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जो एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव कॉरिडोर माना जा रहा है। यहां हाथी और बाघ जैसे वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए 6 एनिमल अंडरपास बनाए गए हैं। इसके अलावा 100 से अधिक अंडरपास, 5 रेलवे ओवरब्रिज और वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की गई है। निर्माण के दौरान काटे गए लगभग 18 हजार पेड़ों के बदले 50 हजार से अधिक नए पौधे लगाए जा रहे हैं।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

यह एक्सप्रेसवे दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और हरिद्वार–ऋषिकेश रोड से जुड़ेगा। इससे उत्तर प्रदेश के बागपत, बारौत, शामली और सहारनपुर जिलों के साथ-साथ उत्तराखंड के मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। ट्रैफिक जाम कम होने से ईंधन की बचत भी होगी।

दिसंबर 2025 में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में जानकारी दी थी कि यह परियोजना उन्नत चरण में है और जनवरी 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है, हालांकि कुछ हिस्सों के कारण उद्घाटन फरवरी 2026 तक हो सकता है।

कुल मिलाकर, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति देगा।

 

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