शाहरुख खान को लेकर बयानबाजी तेज, धार्मिक हस्तियों और नेताओं के बयान से बढ़ा विवाद

मेरठ/नई दिल्ली। अभिनेता शाहरुख खान को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में विवाद गहराता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में भाजपा नेता संगीत सोम ने शाहरुख खान पर तीखा हमला करते हुए उन्हें देश का गद्दार बताया और यहां तक कह दिया कि उन्हें भारत में रहने का हक नहीं है। इस बयान के एक दिन बाद ही कई धार्मिक हस्तियों ने भी शाहरुख खान को लेकर कड़ी टिप्पणियां कीं, जिससे मामला और गरमा गया।

आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर शुरू हुआ विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ शाहरुख खान की आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से जुड़ी है। आईपीएल की मिनी नीलामी, जो 16 दिसंबर को हुई थी, उसमें केकेआर ने बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा। इसके बाद से कुछ नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।

आलोचकों का कहना है कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते इस समय तनावपूर्ण हैं और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि वहां अब तक चार हिंदुओं की लिंचिंग की घटनाएं हो चुकी हैं। इसी पृष्ठभूमि में बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने के फैसले को लेकर नाराजगी जताई जा रही है।

बीसीसीआई का रुख
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर किसी भी तरह का प्रतिबंध लगाने से फिलहाल इनकार किया है। बीसीसीआई का कहना है कि जब तक भारत सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं मिलता, तब तक इस विषय में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।

धार्मिक हस्तियों के बयान
गुरुवार को नागपुर में आध्यात्मिक गुरु जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका रवैया हमेशा देशद्रोही जैसा रहा है। वहीं मुंबई में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “यह मत भूलिए कि इन्हीं भारतीयों ने आपको हीरो बनाया है। जो हीरो बना सकता है, वही जीरो भी बना सकता है।”

संत देवेशाचार्य ने भी शाहरुख खान पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उन्होंने कभी बांग्लादेश में मारे जा रहे हिंदुओं के लिए आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि शाहरुख खान का रवैया हमेशा हिंदू विरोधी एजेंडे वाला रहा है।

इसके अलावा बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि बांग्लादेश में जो घटनाएं हो रही हैं, वे हिंदुत्व के खिलाफ हैं और हिंदुओं की रक्षा के लिए खिलाड़ियों को खुलकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय को वहां के लोगों और बीसीसीआई को गंभीरता से समझना चाहिए।

लगातार बढ़ता जा रहा है विवाद
शाहरुख खान और उनकी आईपीएल टीम से जुड़े इस फैसले को लेकर राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। फिलहाल शाहरुख खान या केकेआर प्रबंधन की ओर से इन आरोपों और बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विवाद थमने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।

 

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