नई दिल्ली।साल 2025 के आखिरी दिनों में प्रकृति ने एक बार फिर इंसानों को हैरान कर देने वाला नजारा दिखाया। भारत में टैग किए गए तीन छोटे अमूर फाल्कन (Amur Falcon) ने महज पांच दिनों में करीब 5,000 किलोमीटर की दूरी तय कर अफ्रीका तक का सफर पूरा किया। खास बात यह है कि इन पक्षियों का वजन मात्र 150 से 200 ग्राम के बीच था, इसके बावजूद उन्होंने भारत की धरती और खुले अरब सागर को पार करते हुए अपने शीतकालीन ठिकानों तक उड़ान भरी।
सैटेलाइट से किया गया ट्रैक
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन बाजों की उड़ान को सैटेलाइट ट्रैकिंग के जरिए रिकॉर्ड किया गया। संरक्षण विशेषज्ञों ने 2025 के अंत में जब ये पक्षी अफ्रीका के लिए रवाना हुए, तब उनकी हर गतिविधि पर सैटेलाइट की मदद से नजर रखी। डेटा से सामने आया कि अमूर फाल्कन बिना रुके समुद्र के ऊपर लंबी उड़ान भरते हुए एक हफ्ते से भी कम समय में 5,000 से 6,000 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम हैं।
एटमॉस्फेरिक फिजिक्स का अद्भुत उपयोग
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह असाधारण उपलब्धि केवल ताकत या लगातार पंख फड़फड़ाने का नतीजा नहीं है। अमूर फाल्कन एटमॉस्फेरिक फिजिक्स का बेहतरीन इस्तेमाल करते हैं। ये पक्षी तेज और अनुकूल हवाओं का सहारा लेकर लगभग प्राकृतिक ग्लाइडर की तरह उड़ते हैं, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय करने में कम ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है।
सर्दियों में अफ्रीका, गर्मियों में एशिया
अमूर फाल्कन हर साल सर्दियों के मौसम में अफ्रीका का रुख करते हैं। सर्दियों के अंत और वसंत की शुरुआत में ये फिर से उत्तर की ओर उड़ान भरते हैं और मई-जून के आसपास चीन, रूस और उत्तर-पूर्वी एशिया के क्षेत्रों में अपने प्रजनन स्थलों पर पहुंचते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमूर फाल्कन की यह लंबी और जोखिम भरी यात्रा न सिर्फ पक्षियों की अद्भुत क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि प्रकृति कितनी सटीक योजना और संतुलन के साथ काम करती है।
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